यूपी के बागपत से एक गांव की लड़की के अपहरण के केस में पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एक तो पीड़ित नाबालिग निकली है। दूसरे उसने बताया उसे महीने भर तक लोनी में बंधक बनाया। तीसरे दूसरे समुदाय के अपहरण के आरोपियों ने पुलिस के पास लड़की के साथ निकाह का जो प्रमाणपत्र भेजा, वह फर्जी निकला।
लड़की ने गैंगरेप का भी आरोप लगाया। पुलिस ने शुक्रवार को लड़की का मेडिकल कराया और शनिवार को सीजेएम कोर्ट में बयान दर्ज कराए। दोघट क्षेत्र के एक गांव से लड़की 26 जुलाई को लापता हुई। पांच अगस्त को लड़की के परिजनों ने लोनी (गाजियाबाद) के दूसरे समुदाय के युवक सोनू और उसके भाई साजिद के खिलाफ बहला फुसलाकर अपहरण करने की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।
लड़की का परिवार मवी कलां में एक भट्ठे पर कार्य करने गया था। वहीं सोनू और साजिद भी कार्य करने पहुंचे थे। वहीं से लड़की का दिन दहाड़े अपहरण हुआ। मामले ने तूल तब पकड़ा जब 20 अगस्त को आरोपियों ने डाक से थाने में एक निकाहनामा भेजा।
इसमें लड़की का नाम बदलकर लिखा। इससे ऐसे लगा कि जैसे उसका धर्म परिवर्तन कराया हो। उसकी उम्र 19 साल बताई। 22 अगस्त को गांव के लोगों ने एसपी दफ्तर पर प्रदर्शन कर लड़की को बरामद करने की मांग की तो पुलिस हरकत में आई।