एक अमेरिकी ट्रैवल कंपनी पर कंज्यूमर फोरम ने इसलिए जुर्माना लगा दिया है, क्योंकि भारत से विदेश घूमने गए लोगों से गैरवाजिब तरीके से टिप ली जा रही थी। कंज्यूमर फोरम ने अमेरिकी ट्रेवल कंपनी कॉसमॅस पर यह जुर्माना लगाया है।
एक भारतीय दंपति घूमने के लिए जर्मनी गया था। जर्मनी में एक होटल में खाना खाने के बाद जब उन्होंने होटल के वेटर से पानी मांगा तो वेटर ने पानी देने के लिए दो यूरो टिप के रूप में मांगे।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक भारतीय दंपति को इस बात पर ज्यादा एतराज हुआ कि सिर्फ भारतीय लोगों से ही टिप के रुपए लिए जा रहे हैं। अन्य देश के लोगों से कोई टिप का चार्ज नहीं लिया जा रहा है।
तीन साल पहले किए गए केस का निर्णय पिछले बृहस्पतिवार को अजित भास्मे को मिला। अजित भास्मे सुप्रीम कोर्ट में प्रेक्टिस कर रहे हैं।
कंज्यूमर कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय आधार पर नस्लीय भेदभाव करने के कारण अमेरिकी ट्रैवल को भुक्तभोगी व्यक्ति से माफी मांगनी होनी। साथ ही 25,000 रुपए का भुगतान भी भुक्तभोगी को करना होगा।
अजित भास्मे ने जब अमेरिकी कंपनी के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल की तो अमेरिकी ट्रैवल कंपनी ने अजित भास्मे को ग्रुप ट्रैवल की सुविधा लेने वालों की सूची में ब्लैक लिस्ट कर दिया था।
अजित भास्मे ने इस निर्णय से खुशी जताते हुए कहा कि यह एक बेहतरीन निर्णय है। इससे उपभोक्ताओं के मनोबल को मजबूती मिलेगी।