सरकार पुणे के घोड़ा कारोबारी हसन अली खान को कर चोरी और हवाला के आरोपों से मुक्त करने के बारे में सोच रही है।
सूत्रों के मुताबिक सरकार इस नतीजे पर पहुंची है कि जांच एजेंसियों के पास हसन पर विदेश में भारी मात्रा में काला धन जमा करने के आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं है।
सरकार खान के बैंक खाते से लेनदेन के बारे में स्विट्जरलैंड प्रशासन के सहयोग नहीं करने के कारण भी परेशान है। अब तक इकट्ठा किए गए सबूतों के आधार सरकार इस नतीजे पर पहुंची है कि अदालत में हसन अली के खिलाफ मुकदमा नहीं टिक पाएगा।