हरियाणा में भाजपा और इंडियन नेशनल लोकदल ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है, जबकि कुलदीप बिश्नोई की हजकां भी अगले दो दिनों में अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करने जा रही है।
मगर कांग्रेस इस मामले में सबसे पिछड़ी चल रही है। दिलचस्प बात तो यह है कि पिछड़ने का कारण यह नहीं कांग्रेस में टिकट के लिए दावेदारों के बीच मारामारी के चलते देर हो रही है।
हकीकत में कांग्रेस जानबूझकर देरी कर रही है। टिकट बंटवारे को लेकर हो रही बैठकों में इस बात पर चिंता जताई गई है कि पार्टी के पास मजबूत उम्मीदवार नहीं हैं, जबकि मजबूत नेता कांग्रेस का टिकट तक लेने के लिए तैयार नहीं है।
दूसरी पार्टियों खासकर भाजपा में ज्यादातर मजबूत नेता टिकट पाने की जुगत में लगे हुए हैं। इसलिए पार्टी के दिग्गजों ने रणनीति बनाई है कि जिन मजबूत प्रत्याशियों को दूसरी पार्टियों में टिकट नहीं मिलता उन्हें कांग्रेस तुरंत टिकट दे देगी।
इस रणनीति के तहत पार्टी देखो और इंतजार की नीति पर काम कर रही है। प्रदेश नेतृत्व की सलाह पर पार्टी हाईकमान लगातार टिकट की प्रक्रिया को धीमा करने में जुटा हुआ है।