लोकसभा के बाद विधानसभा चुनावों में ताबड़तोड़ करारी हार और अपने भावी नेतृत्व राहुल गांधी की सियासी क्षमता पर उठते सवालों के बीच कांग्रेस रविवार को किसान रैली के सहारे अपनी सियासी ताकत का अहसास कराएगी।
इस रैली के सहारे पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी जहां घर वापसी के बाद अपनी नई सियासी पारी का आगाज करेंगे, वहीं कांग्रेस खुद के पक्ष में किसानों को गोलबंद कर खोया जनाधार हासिल करने की कोशिश करेगी।
करो या मरो की सियासी परिस्थितियों में हो रही इस रैली को सफल बनाने के लिए कांग्रेस के नेताओं ने अपनी सारी ताकत झोंक दी है। केंद्रीय नेतृत्व ने भीड़ जुटाने का जिम्मा मुख्य रूप से छह राज्यों दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान की राज्य इकाई को सौंपा है।