कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से संबंधित जमीन सौदा मामले में पार्टी के अंदर भी विरोध शुरू हो गया है।
पार्टी के गुड़गांव के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने इस मामले में पार्टी नेतृत्व के साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
उन्होंने सच्चाई सामने लाने के लिए इस सौदे की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा है कि वाड्रा कानून से ऊपर नहीं हैं।
बयान से कांग्रेस असहज
आईएएस अधिकारी अशोक खेमका की रिपोर्ट पर पहले ही इस मामले में बैकफुट पर आ चुकी कांग्रेस को अब अपनी पार्टी के सांसद ने असहज कर दिया है।
उधर, मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने इस मुद्दे को मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में उठाने का फैसला किया है।
वाड्रा से संबंधित जमीन सौदे पर उपजे विवाद के बीच सांसद इंद्रजीत ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल कर कांग्रेस को मुश्किल में डाल दिया है।
उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा है कि अगर वाड्रा निर्दोष हैं तो वे जांच में पाक साफ होकर निकलेंगे।
हुड्डा के खिलाफ भी मोर्चा खोला
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने राज्य के मुख्यमंत्री हुड्डा के खिलाफ भी मोर्चा खोला है। लंबे अरसे से हुड्डा का विरोध करते रहे इंद्रजीत राव ने कहा कि चुनाव के नजदीक आते ही वाड्रा लैंड डील का मुद्दा अचानक उठ जाता है।
गुड़गांव में लगभग 2100 एकड़ जमीन का लैंड यूज नियम बदला गया। मगर हर बार चर्चा सिर्फ वाड्रा से जुड़े लैंड डील का ही उछलता है।
पूरे राज्य में चर्चा है कि नियम बदल कर राज्य सरकार ने कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाया। इसलिए सही रास्ता तो यह है कि पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए।
उल्लेखनीय है कि खेमका ने हरियाणा जमीन सौदा विवाद मामले में सौंपी रिपोर्ट में वाड्रा पर फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेने का आरोप लगाया है।
रिपोर्ट के मुताबिक वाड्रा ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गुड़गांव के शिकोहपुर गांव की 3.5 एकड़ जमीन का लैंड यूज बदलवा कर करोड़ों रुपये कमाए।
जमीन सौदे की जांच से कांग्रेस का इंकार
हरियाणा के शिकोहपुर गांव में सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के बीच हुए विवादित सौदे पर उठ रही जांच की मांग को कांग्रेस ने सिरे से खारिज कर दिया है।
कांग्रेस ने साफ किया कि वाड्रा के जमीन सौदे का मामला पूरी तरह से हरियाणा का है। राज्य सरकार चाहे तो वह इस मामले की जांच करा सकती है। इस मामले से केंद्र का कोई लेना-देना नही है। वैसे भी राज्य सरकार इस मामले की जांच करा चुकी है। जिसके तहत इस डील में किसी तरह का फ्रॉड नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने राज्य के शिकोहपुर गांव में राबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के बीच हुए विवादित सौदे पर दी गई अपनी रिपोर्ट में सीधे-सीधे राबर्ट वाड्रा को दोषी करार दिया है।
खेमका ने अपनी रिपोर्ट में साफ तौर पर लिखा कि वाड्रा ने शिकोहपुर गांव में 3.53 एकड़ जमीन खरीदने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि इस जमीन के लिए वाड्रा ने कोई कीमत नहीं चुकाई।