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मोदी की टिप्पणी पर राज्यसभा में मचा हंगामा

Wed, 29 Apr 2015 01:19 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशों में दिए देश की पिछले 60 साल की गंदगी साफ करने संबंधित बयानों पर राज्यसभा में सियासी हंगामा मच गया है। सरकार और विपक्ष की तकरार के चलते मंगलवार को सदन का कामकाज कई बार बाधित हुआ।
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विपक्ष ने प्रधानमंत्री पर देश का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उनसे स्पष्टीकरण की मांग की। वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विपक्ष को जवाब दिया कि प्रधानमंत्री ने विदेश यात्रा के दौरान भारतीय मूल के लोगों के सामने निर्णय प्रक्रिया को स्वच्छ बनाने की बात कही थी।

जेटली ने कहा, सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है मगर चर्चा में पिछले 60 साल के दौरान हुए भ्रष्टाचार का जिक्र भी किया जाएगा। कांग्रेस चर्चा से पीछे हटती हुई दिखी। उसने कहा कि संसद में भ्रष्टाचार पर कई बार बहस हो चुकी है मगर यहां मुद्दा स्कैम इंडिया जैसी टिप्पणी का है। इस पर प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए। सरकार और विपक्ष की तीखी नोंक झाेंक के बीच कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री होश में आओ के नारे लगाए।
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राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने नियम 267 के तहत कार्य स्थगन का प्रस्ताव दिया था। चर्चा कराने और न कराने को लेकर सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच लंबी बहस हुई। कांग्रेस का समर्थन करते हुए बसपा नेता मायावती ने कहा कि मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से सीखने की जरूरत है, जो विदेशों में विपक्ष की कभी आलोचना नहीं करते थे। वहीं जदयू के शरद यादव ने कहा कि भारत के इतिहास में कभी भी आपसी मतभेदों को देश से बाहर नहीं ले जाया गया।

सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि मोदी ने पहली बार विदेश नीति की स्थापित परंपरा को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में प्रधानमंत्री के दौरे के बाद सांसदों का शिष्टमंडल दो हिस्सों में जाता है लेकिन पहली बार इसे रोक दिया गया। सभी पक्षों की सुनने के बाद उपसभापति पीजे कुरियन ने शर्मा के नोटिस को खारिज कर दिया।
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मोदी के बचाव में आए जेटली

शर्मा ने सुबह ही मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के समय से यह परंपरा रही है कि जब भी प्रधानमंत्री विदेश जाते हैं तो वे पूरे देश के प्रधानमंत्री के तौर पर बाहर जाते हैं और विपक्ष की आलोचना नहीं की जाती।

मगर प्रधानमंत्री मोदी ने इस महीने फ्रांस, जर्मनी और कनाडा की यात्रा के दौरान विपक्ष पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने जर्मनी की चांसलर की मौजूदगी में कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिए भीख मांगा करता था लेकिन अब वह ऐसा नहीं करेगा।

शर्मा ने कहा कि टोरंटो में प्रधानमंत्री ने कहा, पहले स्कैम इंडिया था अब यह स्किल इंडिया है। शर्मा के अनुसार भारत कभी घोटाला नहीं हो सकता। गलतियां हो सकती है लेकिन यह नहीं कहा जाना चाहिए कि पूरा देश ही घोटाला है। विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि प्रधानमंत्री को सदन में आकर सफाई देनी चाहिए।

इसके बाद कांग्रेस सांसदों ने हंगामा शुरू किया और सदन की कार्यवाही कई बार बधित हुई। वहीं विपक्ष को जवाब देते हुए जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह कहने का पूरा अधिकार है कि 60 साल में जो भ्रष्टाचार हुआ उससे हम अपने को अलग करते हैं और हम एक ईमानदार शासन देंगे। उन्होंने कहा, भारत की बदनामी भ्रष्टाचार से नहीं हुई मगर अब भ्रष्टाचार की चर्चा करने से क्या उसकी बदनामी हो जाएगी। जेटली ने कहा कि भ्रष्टाचार पर बात करने पर किसी ने प्रतिबंध नहीं लगा रखा है।
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