विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पूर्व आईपीएल कमिशनर ललित मोदी को मदद देने के आरोपों में घिरने के बाद राजनीति में भूचाल आ गया है। अनेक विपक्षी दलों ने विदेश मंत्री के इस्तीफ़े की मांग की है। सुषमा स्वराज पर ललित मोदी को ट्रेवल डॉक्यूमेंट दिलाने में मदद के आरोप लगे हैं।उन्होंने ट्वीट कर माना
कि उन्होंने इस बारे में ब्रितानी उच्चायुक्त से कहा था और प्रमुख
ब्रितानी सांसद कीथ वाज ने भी उनसे बात की थी, हालाँकि सुषमा स्वराज ने
कहा है कि उन्होंने मानवीय आधार पर ऐसा किया क्योंकि ललित मोदी का कहना था
कि उनकी पत्नी कैंसर की मरीज हैं और उन्हें पुर्तगाल जाने की जरूरत है।आईपीएल के पहले कमिशनर ललित मोदी वित्तीय अनियमतताओं के आरोप झेल रहे हैं और फिलहाल वह ब्रिटेन में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं लेकिन वे इन आरोपों को ख़ारिज करते आए हैं।
कांग्रेस मांग रही है इस्तीफा
कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा,"मैं सुषमा स्वराज का सम्मान
करता हूं. उनसे यह उम्मीद नहीं थी कि वह ललित मोदी को ट्रेवल डॉक्यूमेंट
दिलाने में मदद करेंगी।"
उन्होंने कहा, "ये बहुत ही गंभीर है कि भारत की विदेश मंत्री ने उसकी मदद की, जो देश के क़ानून का भगोड़ा है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए और स्वराज को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।कांग्रेस के एक अन्य नेता शकील अहमद ने कहा कि अगर स्वराज पर लगे आरोप सही
हैं तो प्रधानमंत्री को तुरंत हस्तक्षेप करके उनका इस्तीफ़ा ले लेना चाहिए।
सब मांग रहे हैं सफाई
आम आदमी पार्टी के नेता राहुल नेहरा ने कहा, "ललित मोदी भाजपा के कई बड़े नेताओं के करीबी हैं और ये उनके 'अच्छे दिन' हैं।" वहीं जनता दल यूनाइटे़ड के नेता के सी त्यागी ने कहा कि स्वराज को उन पर लगे आरोपों पर सफ़ाई देनी चाहिए।
राष्ट्रीय जनता दल के नेता मनोज झा ने बहुत ही नपीतुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उसमें भी वो सुषमा का बचाव करते हुए नजर आए हैं।
उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज जैसी नेता को इतनी जल्दी खलनायक नहीं बनाया जाना चाहिए। मामले की उचित तरीक़े से जांच होनी चाहिए।
ललित मोदी की मदद करना अनैतिक-करात
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता डी राजा ने कहा कि स्वराज को इस बात
का जवाब देना चाहिए कि उन्हें एक आर्थिक अपराधी की मदद करने की ज़रूरत
क्यों पड़ी। अगर वह संतोषजनक जवाब देने में नाकाम रहती हैं तो उन्हें उस पद पर रहने का अधिकार नहीं है।मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की नेता वृंदा करात ने कहा कि सुषमा स्वराज
का ललित मोदी की मदद करना ग़ैर-जरूरी और अनैतिक है। उन्होंने सवाल उठाया
कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप क्यों हैं और इस मामले पर सफ़ाई क्यों
नहीं दे रहे हैं?बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने कहा कि इस मामले की व्यापक जांच होनी चाहिए।