कई सर्वेक्षणों में 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के मुकाबले अपनी हालत पतली दिखाने को लेकर कांग्रेस बिफर पड़ी है।
कांग्रेस ने सर्वेक्षणों को सिरे से खारिज करते हुए भाजपा और मीडिया दोनों पर निशाना साधा है।
सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि जो प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार देते हैं, वे विपक्ष में बैठते हैं। देश को प्रधानमंत्री देने वाली पार्टी कांग्रेस दुबारा सत्ता में आएगी।
कुछ लोगों को कांग्रेस को नकारने की आदत रही है। वहीं, मोदी पर भी कांग्रेस ने हमले तेज कर दिए है।
तिवारी ने कहा कि सभी सर्वेक्षण और विश्लेषण एक बार फिर गलत साबित होंगे।
भगवान की दया और जनता के समर्थन से देश को प्रधानमंत्री देने वाली पार्टी ही फिर सत्ता में आएगी। जिन्होंने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार दिए हैं, वे विपक्ष में ही रहेंगे।
तिवारी ने कहा कि मोदी ने गुजरात में सिर्फ पूंजीपतियों के लिए काम किया है। गुजरात मॉडल को देखा जाए तो पांच करोड़ गुजराती पिछड़े रह गए हैं, जबकि महज पांच से छह पूंजीपतियों ने प्रगति की है।
तिवारी ने कहा कि गुजरात में किसान परेशान हैं। सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर फासीवादी ताकतें मजबूत होती हैं तो मीडिया की आजादी को भी नुकसान होगा। उनका इशारा भाजपा और मोदी की तरफ था।
वही चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों पर प्रतिबंध लगाने के सवाल पर तिवारी ने कहा कि यूपीए सरकार पाबंदी लगाने में भरोसा नहीं करती।
उत्तर प्रदेश में दो समाचार चैनलों को बंद किए जाने के सवाल पर तिवारी ने कहा कि यह घटना साबित करती है कि यूपीए सरकार और दूसरे दलों की सरकारों में कितना अंतर है।