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कैग पर बरसी कांग्रेस, समर्थन में उतरा विपक्ष

Fri, 08 Feb 2013 10:23 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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कैग विनोद राय के ताजा बयान को लेकर सरकार और कांग्रेस में खलबली मच गई है। सरकार और कांग्रेस ने अमेरिका में दिए बयान के लिए कैग की आलोचना करते हुए उन्हें एक बार फिर लक्ष्मण रेखा में रहने की नसीहत दी है।
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वहीं, विपक्ष कैग के समर्थन में उतर आया है। कैग की आलोचना के लिए उसने सरकार और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। भाजपा ने तो कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने के मामले में हिस्ट्रीशीटर बता डाला।

दरअसल, कैग विनोद राय ने अमेरिका के हार्वर्ड केनेडी स्कूल में एक कार्यक्रम में बृहस्पतिवार को कहा था कि कैग का काम सिर्फ यह नहीं है कि वह अकाउंटेंट की तरह रिपोर्ट बनाकर संसद को भेजता रहे। उन्होंने यहां तक कहा कि कैग भले ही भ्रष्टाचार को खत्म नहीं कर पाए, मगर वह पूंजीपतियों और सरकार के बीच साठगांठ का खुलासा करता रहेगा।
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कैग के इस बयान को उन पर पलटवार करते हुए शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि कैग अकाउंटेंट नहीं हैं तो फिर क्या प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि अगर राय को सिस्टम से परेशानी है तो वह राजनीति में आ जाएं।

वहीं, सरकार ने भी राय के बयान पर नाखुशी जाहिर करते हुए उन्हें अपने संवैधानिक अधिकारों के दायरे में रहने की नसीहत दी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि सभी संवैधानिक संस्थाओं के लिए एक लक्ष्मण रेखा तय है। उन्हें उसका पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कैग ने 2जी घोटाले में 1.76 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित घाटे की संख्या को सही करने के बजाय विदेश में जाकर सरकार की आलोचना की।

कैग पर सत्ता पक्ष के इस वार की एनडीए ने तीखी निंदा की है। भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि विनोद राय ने साठगांठ की बिल्कुल सही बात कही है। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कांग्रेस अपने फायदे के लिए संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग के मामले में हिस्ट्रीशीटर रही है।

वहीं एनडीए संयोजक शरद यादव ने कहा कि कैग जैसी संवैधानिक संस्था पर वार करना निंदनीय है। वामदलों ने भी कैग की आलोचना करने के लिए सरकार पर निशाना साधा है। भाकपा नेता डी राजा ने कहा कि यह कांग्रेस और सरकार की आदत बन गई है कि जब कैग किसी घोटाले का खुलासा करता है तो उस पर वे हमला बोलने लगते हैं।  

क्या बोले थे कैग
हार्वर्ड केनेडी स्कूल में व्याख्यान देते हुए कैग विनोद राय ने कहा था कि सरकार कैग को केवल अकाउंटेंट बनाकर रख देना चाहती है। उन्होंने कहा कि क्या कैग को सिर्फ संसद में सरकार के खर्च का लेखा जोखा पेश करने तक सीमित रहना चाहिए। हम हो सकता है कि भ्रष्टाचार का सफाया नहीं कर सकें। लेकिन हमारी कोशिश सरकार और उद्योगपतियों की मिलीभगत के मामलों का खुलासा करने की है। सरकार को उद्योग को बढ़ावा देना चाहिए न कि कुछ खास उद्योगपतियों को।

कैग की भूमिका संविधान में स्पष्ट की गई है। कैग अगर अकाउंटेंट हैं तो वही रहेंगे। क्या वह प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं।--दिग्विजय सिंह, कांग्रेस महासचिव

यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कैग ने विदेश में जाकर सरकार की आलोचना की। सभी संवैधानिक संस्थाओं की एक लक्ष्मण रेखा है। लेकिन कैग अपनी लक्ष्मण रेखा पहले भी पार करते रहे हैं यह कोई पहली बार नहीं है।--मनीष तिवारी, सूचना एवं प्रसारण मंत्री

अपने फायदे के लिए संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग के मामले में कांग्रेस हिस्ट्रीशीटर रही है। लेकिन मौजूदा कैग कांग्रेस की ब्लैकमेलिंग के आगे झुक नहीं रहे हैं तो उन पर भाजपा के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया जा रहा है।--मुख्तार अब्बास नकवी, भाजपा
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कैग की आलोचना करना दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनेताओं के व्यवहार में अब गिरावट आ रही है।--सीताराम येचुरी, माकपा
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