भाजपा की सियासी चाल को देखकर कांग्रेस ने अपनी चुनावी रणनीति बदल दी है। पार्टी ने चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान फिलहाल टाल दिया है।
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में पार्टी के कई उम्मीदवारों की सूची भी बन गई है मगर भाजपा की सूची देखकर ही पार्टी ने अपने पत्ते खोलने का फैसला किया है।
पार्टी को डर है कि अगर वे पहले उम्मीदवारों का ऐलान करती है तो अंदरखाने भीतरघात शुरू हो सकता है और कई नेता बागी हो सकते हैं। भाजपा उनको बरगला सकती है। इसलिए टिकटों के ऐलान को स्थगित कर दिया गया है।
शुक्रवार को मध्य प्रदेश को लेकर कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई। बैठक में 93 उम्मीदवारों के नाम फाइनल हो गए है। फिर भी ऐलान करने की हिम्मत नहीं हो रही।
पार्टी को सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ में भीतरघात की चिंता सता रही है। वहीं मध्य प्रदेश में भी गुटबाजी चरम पर होने के चलते वहां भी ज्यादा से ज्यादा बागियों के खड़े होने का डर है।
पार्टी के वरिष्ठ महासचिव ने कहा कि पिछले चुनावों में भाजपा ऐसा कर चुकी है। हमने पहले उम्मीदवार ऐलान कर दिए तो भाजपा ने टिकट नहीं मिलने वाले नेताओं को अपने साथ मिला लिया। जिससे कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
छत्तीसगढ़ में हाईकमान को आशंका है कि अगर जोगी के समर्थकों को टिकट नहीं मिला तो उनके वफादार भाजपा को फायदा पहुंचा सकते है। इसलिए अंतिम घड़ी तक भाजपा के उम्मीदवारों के ऐलान का इंतजार करने की रणनीति बनाई गई है।