कांग्रेस ने सियासी हमलों का रुख भाजपा के बजाय 2014 के लोकसभा चुनाव में उसके चेहरे बने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर केंद्रित कर दिया है।
वह उन्हें कई तरह के नाम देकर पुकार रही है। कभी भस्मासुर, कभी यमराज, कभी रैंबो तो कभी फेंकू कह कर कांग्रेस के नेता मोदी पर वार कर रहे हैं।
मीडिया की सुर्खियों में गुजरात के मुख्यमंत्री नमो के नाम से छाए हैं। नमो यानी नरेंद्र मोदी। वैसे ही कांग्रेस के नेता अलग अलग वाकयों पर मोदी को कई तरह के नामों से पुकार रहे हैं।
ग्रामीण विकास मंत्री जयराम ने मोदी को भस्मासुर बता दिया। उनका तर्क था कि मोदी के चरण जहां जहां पड़े वहां भाजपा का बंटाधार हो गया है। कर्नाटक हो या हिमाचल प्रदेश।
ग्रामीण विकास मंत्री ने हालांकि मोदी को चुनाव के लिहाज से गंभीर चुनौती बताया था। जिससे कांग्रेस में हलचल मच गई थी।
पार्टी के नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने जयराम को यहां तक कह दिया था कि अगर उन्हें मोदी से डर लगता है तो वह कांग्रेस में शामिल हो जाएं।
वहीं जब यह खबर आई कि उत्तराखंड की त्रासदी के दौरान जब मोदी वहां गए तो उन्होंने एक ही दिन में आपदा में फंसे 15 हजार गुजरातियों को बचाया।
तो कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी क्या रैंबो हैं जो एक दिन में इतने लोगों को बचा लिया। जबकि सेना एक दिन में दो से तीन हजार लोग ही बचा पा रही है।
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने उन्हें यमराज कहा था।
इसके अलावा जब गोवा में भाजपा की कार्यकारिणी में मोदी के बढ़ते कद के समय आडवाणी की बीमार होने की खबर आई तो रेणुका ने कहा कि उन्हें नमोनिया की तरह नमोनाइटिस जैसी बीमारी हो गई है।
जबकि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह मोदी के गुजरात में विकास के दावों को झूठा बताते हुए उन्हें फेंकू कह चुके हैं।
वैसे मोदी को नए नामों से पुकारने की शुरुआत शायद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खुद ही की थी। 2008 के गुजरात विधानसभा चुनाव में सोनिया गांधी ने मोदी को मौत का सौदागर कहा था।
उसके बाद ही विधानसभा में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था।