उत्तर प्रदेश में भले ही कांग्रेस अभी अपने पांव पर खड़े रहने की स्थिति में न हो, मगर पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी किसी दूसरी पार्टी से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया है। राहुल इस मुद्दे पर जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय आगामी विधानसभा की राजनीतिक परिस्थितियों को भांप रहे हैं।
दरअसल, कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने पिछले दिनों राहुल को बिहार में लालू और नीतिश के महागठबंधन की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में सपा के साथ गठबंधन की सलाह दी थी।
इन नेताओं ने कांग्रेस उपाध्यक्ष को यहां तक कहा था कि उनकी सपा के शीर्ष नेतृत्व से बात हुई है और वहां से सकारात्मक संकेत मिले हैं। इसलिए बात को आगे बढ़ाया जा सकता है। मगर राहुल ने फिलहाल इनकार कर दिया।
उत्तर प्रदेश में अगले महीने दस विधानसभा और लोकसभा की एक सीट पर उपचुनाव होंगे। प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता अनौपचारिक बातचीत में मानते हैं कि उपचुनाव में कांग्रेस की हालत पतली है। कांग्रेस हाईकमान को भी इस बात की रिपोर्ट दी गई है।