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'बंगलुरू विस्फोट से भाजपा को चुनाव में होगा फायदा'

Wed, 17 Apr 2013 07:43 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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कांग्रेस के नेता शकील अहमद का कहना है कि बंगलूरू में भाजपा दफ्तर के बाहर विस्फोट से भाजपा को चुनाव में फायदा होगा। अहमद के इस बयान की भाजपा ने कडी़ आलोचना की है।
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भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह बयान गैर-जिम्मेदाराना है। वहीं कर्नाटक के गृह मंत्री अशोक राजा ने कहा कि इस धमाके के निशाने पर भाजपा नेता थे।

शकील अहमद का ट्वीट

बंगलूरू में विस्फोट के कुछ ही देर बाद अहमद ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा कि भाजपा कार्यालय के निकट हुआ विस्फोट यदि आतंकवादी हमला है तो इससे चुनावों में भाजपा को राजनीतिक रूप से मदद मिलेगी।
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उनकी टिप्पणी पर उठे विवाद को ठंडा करने के प्रयास में कुछ ही देर बाद कांग्रेस के महासचिव एवं मीडिया विभाग के प्रमुख जनार्दन द्विवेदी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कोई भी आतंकवादी घटना चिंता का विषय है।

ऐसी घटना राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समस्या है और देश के लिए एक चुनौती है। ऐसी घटनाओं को राजनीतिक फायदे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

इस बीच केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री आर पी एन सिंह ने कहा कि कांग्रेस आतंकवाद से निपटने में कोई राजनीति नहीं करती। सिंह ने कहा कि उन्होंने अहमद का ट्विट नहीं देखा है लेकिन यदि उन्होंने कहा है तो पार्टी का उससे कोई लेना देना नहीं है।

सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर शकील अहमद की इस प्रतिक्रिया पर लोगों ने नाराजगी जताई है। कुछ लोग इसे बोस्टन धमाकों और ईरान के भूकंप के बाद एक और तबाही मान रहे हैं।

बंगलूरू बम विस्फोट (#BangaloreBlast) फिलहाल ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है।

कुछ ट्वीट्स

कुश ‏@biomedikals 38s लिखते हैं कि अब कांग्रेस कहेगी कि यह पार्टी का नहीं बल्कि शकील अहमद का व्यक्तिगत बयान है। वह तब पार्टी में क्यों हैं? कांग्रेस उनको सस्पेंड क्यों नहीं करती।

अनुराग सक्सेना ‏@im_anurag_ 1m कहते हैं कि बंगलूरू में बम विस्फोट देशवासियों को इस बात की याद दिलाता है कि सुशील कुमार शिंदे हमारे गृह मंत्री हैं।

विवेक @ivivekkm 2m लिखते हैं कि 17 अप्रैल 2010 से 17 अप्रैल 2013 तक इन तीन सालों में कई धमाके हुए लेकिन इससे हमने कुछ नहीं सीखा। इन तीन सालों के बाद भी आतंकी हमले उसी तारीख को हो रहे हैं लेकिन जगह अलग-अलग होते हैं।

अमीर सुभानी ‏@AmirSubhani2 4m लिखते हैं कि नरेंद्र मोदी को बंगलुरू से अधिक बोस्टन से प्यार है। उन्होंने बंगलूरू धमकों में शिकार हुए लोगों के प्रति कोई संवेदना प्रकट नहीं की जबकि बोस्टन मैराथन में विस्फोट पर उन्होंने तत्काल संवेदना प्रकट कर दी थी। क्या उन्हें अमेरिकी वीजा की जल्दी है?

शेकिनाह ‏@shhekinuxx 7m लिखती हैं कि आखिर यह क्या हो रहा है? पहले बोस्टन में हमला फिर ईरान और पापुआ गिनि में भूकंप से तबाही और उसके बाद बंगलूरू में बम विस्फोट।
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