संसद में सरकार और कांग्रेस के बीच टकराव जारी है। मोदी सरकार के खिलाफ पार्टी के विरोधी रूख को बरकरार रखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बृहस्पतिवार को मोदी सरकार को घमंडी बताया।
सोनिया ने नगा समझौते पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने इसे लेकर पूर्वोत्तर के मुख्यमंत्रियों के साथ बात करना भी जरूरी नहीं समझा। उन्होंने कहा, इससे सरकार का अहंकार दिखता है।
संसद भवन परिसर में कांग्रेस ने आज तीसरे दिन भी अपने 25 लोकसभा सांसदों के निलंबन को लेकर अपना धरना प्रदर्शन जारी रखा। सोनिया और राहुल की अगुवाई में पार्टी के सांसदों ने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
सोनिया ने मोदी सरकार के खिलाफ नया मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस अध्यक्ष ने
आरोप लगाया है कि तीन राज्यों मणिपुर, असम और अरुणाचल प्रदेश की आवाज दबाई
जा रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब उन्होंने पूर्वोत्तर के तीन
राज्यों के मुख्यमंत्रियों से इस बारे में बात की तो उन्हें इसके बारे में
कुछ पता ही नहीं था जो इस समझौते से सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने
कहा कि किसी ने उन्हें इसकी जानकारी देने की जरुरत नहीं समझी, विस्तार में
नहीं तो मोटे तौर पर ही सही। हमारे मुख्यमंत्री इससे सीधे प्रभावित हो रहे
हैं, चाहे मणिपुर हो, अरुणाचल प्रदेश या असम हो।
सरकार अहंकारी हो गई है
तब इसका मैं क्या मतलब
निकालूं ? इससे मैं समझती हूं कि यह सरकार अहंकारी हो गई है। ये विपक्ष ही
नहीं बल्कि राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात भी जरूरी नहीं समझती जो इससे
सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
सोनिया ने कहा कि यह सरकार लगातार कहती आ रही है
कि सबको साथ लिया जाएगा। सबसे बात की जाएगी और सभी मुख्यमंत्रियों की राय
ली जाएगी लेकिन अब अचानक यह क्या हो गया गया।
सोनिया ने कहा कि इनका घमंड
अब पहले से ज्यादा साफ दिख रहा है। मुख्यमंत्रियों के लिए ही नहीं बल्कि इन
राज्यों के लोगों और देश के संघीय ढांचे के लिए यह अपमान की बात है।
संसद में दबाई जा रही है आवाज
दूसरी
तरफ राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने बेहद अहम मुद्ददा उठाया
है। राहुल ने कहा, संसद में हमारी आवाज दबाई जा रही है। तीन राज्यों
मणिपुर, असम और अरूणाचल प्रदेश की आवाज दबाई जा रही है।
इन राज्यों के
मुख्यमंत्रियों से बात तक नहीं करना वहां के लोगों के लिए अपमान की बात है।
गौरतलब है कि सरकार ने तीन अगस्त को एनएससीएन (एम) से समझौता किया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को ऐतिहासिक करार दिया था