बुलंदशहर के सिकंदराबाद में जेएस कालेज में शनिवार सुबह अलग-अलग बिरादरी के छात्रों के दो गुट भिड़ गए और देखते ही देखते मामले ने सांप्रदायिक बवाल का रूप ले लिया। मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ युवकों ने बुलंदशहर सदर से बसपा विधायक हाजी अलीम के बहनोई समेत करीब 11 लोगों के साथ मारपीट की। पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार कर 19 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
जेएस कालेज में होने वाले छात्र संगठन के चुनाव को लेकर गुर्जर और गद्दी बिरादरी के छात्र गुटों के बीच शनिवार सुबह हाथापाई के बाद फायरिंग हुई। गुर्जर युवक मोटरसाइकिलों से जेवर रोड, मंडावरा, हादिमपुर गांव आदि स्थानों पर पहुंचे और खेतों पर काम कर रहे गद्दी बिरादरी के लोगों से मारपीट की। इसमें सदर विधायक के बहनोई फईमुद्दीन गाजी समेत 11 लोग घायल हो गए। गुर्जर समुदाय के कई छात्र भी जख्मी हो गए।
घायलों के अस्पताल पहुंचने पर गद्दी बिरादरी के लोग भारी संख्या में अस्पताल पहुंच गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। पुलिस अफसरों को भी भीड़ ने घेर लिया। एसएसपी अखिलेश कुमार, एसपी देहात अशोक कुमार ने आरोपियों को जल्द ही पकड़ने का आश्वासन देते हुए लोगों को समझाकर शांत किया। तनाव को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स बुला ली गई। बाजारों में पुलिस फोर्स ने फ्लैग मार्च किया।
अफवाहों ने लगा दिया शहर में कर्फ्यू
अफवाहों ने अमन के शहर में एकाएक कर्फ्यू लगवा दिया। कहीं से छेड़छाड़ को लेकर बवाल होने की सूचना मिली तो कहीं दो समुदायों के बीच गोली चलने से एक व्यक्ति की मौत की खबर की अफवाह फैलाई गई। अलग-अलग जगह से फैल रही अफवाह इतनी तेजी से फैली कि लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि आखिर सच्चाई क्या है। पूरे कस्बे में बुलंदशहर शहर के भीतर भी घंटों छेड़छाड़ के बाद विवाद होने की अफवाह उड़ती रही।
पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को भी विवाद का कारण छेड़छाड़ ही बताया गया। जिस समय बाजार बंद हुए अफवाह फैली कि लूटपाट की जा रही है। दोनों वर्ग के लोग एक दूसरे के घरों में घुसकर मारपीट करने की अफवाह भी तेजी से फैलाई गई। खुद एसएसपी और डीएम को लोगों को संदेश देना पड़ा कि अफवाहों पर कतई ध्यान नहीं दें। विवाद सिर्फ छात्रों के दो गुटों के बीच भर का है।
तनाव के चलते स्कूल-कालेजों में फंसे रहे छात्र
शहर में एकाएक फैले तनाव के चलते स्कूल-कालेजों में छुट्टी के बाद भी विद्यार्थी फंसे रहे। स्कूल और कालेज संचालक और प्रबंधन विद्यार्थियों को घर भेजने के लिए शहर के माहौल का जायजा लेते रहे। उधर चिंतित अभिभावकों ने भी स्कूलों में फोन कर स्थिति जाना। कुछ अभिभावक तो स्कूल भी पहुंचे। माहौल शांत होने की जानकारी मिलने के बाद स्कूल और कालेजों ने भी सभी स्टूडेंट्स के घर फोन कर अभिभावकों बुलाया और बच्चों को हवाले किया जो अभिभावक नहीं आ पाए अथवा गांव के स्टूडेंट्स थे, स्कूल प्रंबधन ने उन्हें अपने साधन से घर पहुंचवाया।
चंद सिरफिरों ने अमन को लगा दी आग
मामूली बात को लेकर चंद सिरफिरों ने कुछ ही मिनटों में ही कस्बे के अमन को आग में झोंक दिया। उपद्रवियों ने विवाद, मारपीट और फायरिंग कर माहौल को गरमा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि कस्बे में सिर्फ यह सूचना आई कि कुछ छात्रों में मारपीट हो गई है। उसके बाद चंद मिनट बाद ही हमला और फायरिंग की घटना की सूचना आने लगी। विवाद भी दो वर्गों के बीच बताया गया। इसके बाद शांत सिकंदराबाद की फिजा में गरम हो गई। लोगों के मोबाइल पर लगातार काल आती रही और कस्बे के माहौल के बारे में जानकारी करते रहे। जगह-जगह दिखने वाली भीड़ में शामिल लोग अपने मोबाइल की घंटी बजने पर बात करने के बाद चुपके से सुरक्षित स्थान पर चले गए।
लखनऊ रहा अलर्ट, दूसरे जिलों से घनघनाए मोबाइल
सिकंदराबाद। कस्बे में एकाएक सांप्रदायिक विवाद होने के बाद फैले तनाव की जानकारी मिलते ही लखनऊ भी अलर्ट हो गया। सूत्रों के मुताबिक लखनऊ में गृह विभाग से जिले के अफसरों से लगातार जानकारी ली जाती रही। दरअसल, जरा जरा सी बातों को लेकर सूबे में लगातार सांप्रदायिक विवाद बढ़ने के बाद राजधानी में बैठे अफसर फौरन जिलों से संपर्क कर स्थिति पर नजर रखने लगते हैं। एडीजी कानून व्यवस्था मुकुल गोयल ने तीन दिन पहले ही मेरठ में इस तरह के विवाद को चिहिन्त कर निस्तारित करने और कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे। वहीं, कस्बे में हुआ विवाद सोशल मीडिया के साथ ही मोबाइल पर खूब दौड़ा। वेस्ट यूपी के दूसरे जिलों में रहने वाले लोगों ने कस्बे के रहने वाले लोगों से मोबाइल पर स्थिति की जानकारी चाही। विवाद कैसे हुआ, क्यों हुआ, हालात कैसे है ये सवाल किए गए। वाट्सअप पर लोगों ने जानकारी शेयर की। समाचार पत्र के दफ्तरों और रिपोर्टरों के पास फोन कर जानकारी हासिल की।
कई थानों की पुलिस, पीएसी ने डाला डेरा
शहर में तनाव के चलते करीब एक दर्जन से ज्यादा थानों की पुलिस और पीएसी ने डेरा डाल दिया। गुलावठी, अगौता, कोतवाली देहात, ककोड़, जहांगीरपुर, दादरी आदि थानों की पुलिस फोर्स बार्डर, बाजार और मिश्रित आबादी के क्षेत्रों में तैनात कर दी गई।
चंद मिनटों में बाजार बंद, पसरा सन्नाटा
बवाल के बाद शहर में तनाव को देखते दुकानदारों ने आनन-फानन में अपना सामान समेटा और दुकानें बंद कर दी। नगर के बड़ा बाजार, चौधरीबाड़ा, वैदबाड़ा, काजीबाड़ा, कबाड़ी बाजार आदि बाजारों में देखते ही देखते सन्नाटा छा गया। दहशत के चलते लोग अपने घरों में कैद हो गए। कुछ दुकानदारों और शोरूम मालिकों ने अपने यहां काम करने आने वाले कर्मचारियों को रास्ते से ही लौटा दिया।
दुकानदारों का कहना था कि इस तरह के बवाल होने के बाद सबसे पहले दुकानों को निशाना बनाया जाता है। लूटपाट और आगजनी तक की जाती है इसलिए जान है तो जहान है। हालांकि कुछ पुलिस कर्मचारियों ने दुकानदारों को नहीं डरने की बात कही और सुरक्षा देने का भरोसा दिया, लेकिन वह अपने घरों को चले गए।
दरअसल, इस वारदात के बाद कस्बे का एक बड़ा हिस्सा ही प्रभावित हुआ। दूसरे इलाके में लोग एक साथ बैठकर घटना को लेकर चर्चा करते दिखे। तनाव के बाद एसएसपी ने खुद कमान संभाल ली। वह हेलमेट और डंडा लेकर खुद मैदान में उतर गए। उन्होंने लोगों से कहा कि उनको डरने या घबराने की कतई जरूरत नहीं हैं। पुलिस उनकी सुरक्षा करेगी। माहौल खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एसएसपी बाजार के साथ बस्तियों में भी पहुंचे और लोगों से सहयोग की अपील की। पुलिस लगातार गश्त लगाती रही। एसएसपी ने व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से दुकानें खुलवाने की अपील की। वहां मौजूद नागरिकों से एसएसपी ने शांति बनाए रखने की अपील की और किसी भी तरह की अफवाह अथवा घटना होने पर तत्काल सूचित करने का आग्रह किया। तीन बार एसएसपी ने पूरे बाजार और प्रभावित इलाके में घूमे।
घायल पहुंचते रहे, भीड़ उत्तेजित होती रही
नगर के सरकारी अस्पताल में घायलों की संख्या जैसे-जैसे बढ़ती गई, वहां मौजूद पब्लिक का गुस्सा बढ़ता गया। अस्पताल के अंदर से लेकर बाहर सड़क तक नगर पालिका रोड पर लोगों का भारी हुजूम दिखाई दिया। घायलों को लेकर गाड़ी जैसे पहुंचती लोग शोरशराबा करते हुए उसके पीछे दौड़ पड़ते। मारपीट से अपनी बिरादरी के लोगों को घायलावस्था में देख लोगों ने जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया। पुलिस अफसरों के पहुंचते ही भीड़ ने उन्हें चारो तरफ से घेर लिया और मारपीट करने वाले आरोपियों को पकड़ने की मांग करने लगे। मौके पर मौजूद एसएसएपी अखिलेश कुमार, एसपी आरए आदि पुलिस अफसर आरोपियों को जल्द पकड़ने का आश्वासन देकर शांत करते रहे।
जिलाधिकारी बुलंदशहर निधि केसरवानी ने बताया कि छात्र गुटों के हंगामे के बाद एक बिरादरी के युवकों ने दूसरे वर्ग की एक बिरादरी के लोगों पर हमला किया। उसको लेकर तनाव महसूस किया गया था, फिलहाल स्थिति सामान्य है। हमले के आरोपी चार युवकों को गिरफ्तार कर उनसे चार बाइक बरामद कर ली गई है। माहौल खराब करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। गणमान्य लोगों के सहयोग से बाजार को खुलवाया जा रहा।
एसएसपी अखिलेश कुमार मीणा ने कहा कि घटना छात्र गुटों के बीच थी। इसके बाद कुछ लोगों ने कई जगह मारपीट की, फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई है। मारपीट के आरोपी चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पूरी तरह शांति है। अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। इस घटना में निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की पहचान कर ली गई है।