सहारनपुर के मोहल्ला छिपियान में मामूली विवाद पर बुधवार की रात शुरू हुआ सांप्रदायिक बवाल देर रात तक चला। एक बार पथराव और फायरिंग रुकने के बाद खुराफातियों की हरकत से करीब साढ़े ग्यारह बजे फिर दोबारा टकराव हो गया। इस पर एसएसपी ने खुद मोर्चा संभाला और पथराव के बीच ही खुराफातियों तक पहुंचकर आधा दर्जन युवकों को हिरासत में लिया। करीब रात एक बजे हालात पूरी तरह से काबू में आए।
इससे पहले हुए पथराव में तीन पुलिसकर्मियों सहित करीब एक दर्जन लोग चोटिल हुए। अफवाहों के कारण पूरे शहर में तनाव की स्थिति बनी रही। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति पर कोतवाली में समझौता हो गया। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में पुलिस और पीएसी तैनात है।
वाल्मीकि जयंती पर जुलूस निकालने के बाद मामूली कहासुनी पर वाल्मीकि समाज और दूसरे समुदाय के बीच बुधवार रात करीब 10 बजे झगड़ा हो गया था। देखते ही देखते दोनों तरफ से पथराव और फायरिंग शुरू हो गई। सूचना पर एसपी सिटी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद मामला शांत हो पाया। कुछ देर बाद रात करीब 11:30 बजे किसी खुराफाती ने छत से पत्थर उछाल दिया। इस पर लोग फिर उग्र हो गए और दोनों ओर से ताबड़तोड़ पथराव शुरू हो गया।
फोर्स की मौजूदगी के बाद भी खुराफाती पथराव और फायरिंग करते रहे और बवाल के बाद भी पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही। थाने में मौजूद जिलाधिकारी और एसएसपी को जैसे ही दोबारा बवाल शुरू की जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय पथराव होने वाली जगह की तरफ भागे और हिम्मत दिखाते हुए खुराफातियों को दबोच लिया। इसके बाद खुराफाती बैकफुट पर आ गए और कुछ देर में मामला शांत हो गया। क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस और पीएसी फोर्स तैनात है। विवाद पर सपा नेता शाजान मसूद सहित अन्य नेताओं ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और शांत कराने में अहम भूमिका निभाई।