प्रीम कोर्ट ने कोलेजियम से नियुक्ति का फैसला कोलेजियम पर ही छोड़ दिया है। न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने गुरुवार को कोलेजियम सिस्टम को लेकर किसी तरह का निर्देश देने से इनकार कर दिया।
पीठ ने स्पष्ट किया कि यह भारत के प्रधान न्यायाधीश और शीर्ष अदालत के वरिष्ठ जजों पर है कि वह कोलेजियम के तहत जजों की नियुक्ति करना चाहते हैं या इसके लिए कोलेजियम सिस्टम में सुधार को लेकर चल रही कवायद के पूरा होने का इंतजार करते हैं।
संवैधानिक पीठ ने कहा कि हम कोलेजियम सिस्टम पर कुछ नहीं बोलना चाहते क्योंकि यह हमारा काम नहीं है। इस पर कोलेजियम विचार करेगा। हमारा सिर्फ यह मकसद है कि इसमें किसी तरह की देरी न हो। य
ह मसला सुनवाई के दौरान तब उठा जब वरिष्ठ वकील फली एस नरीमन ने पीठ के समक्ष कहा कि कोलेजियम को अपना काम शुरू कर देना जाना चाहिए और जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को अपनी वेबसाइट पर कोलेजियम पर लोगों से सुझाव मांगने के लिए कहा। उनका कहना था कि कोलेजियम को अपना काम करने देना चाहिए और साथ ही सुझाव लेने का सिलसिला जारी रहना चाहिए।