भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि यूपीए सरकार कानून मंत्री अश्वनी कुमार को इसलिए बचा रही है ताकि कोयला ब्लाक आवंटन घोटाले की आंच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक न पहुंचे।
आडवाणी ने बृहस्पतिवार को अपने ब्लॉग में लिखा कि कोयला मामले में सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट में बदलाव करने के लिए यदि अश्वनी कुमार को हटा दिया जाता तो प्रधानमंत्री का पद पर बने रहना मुश्किल हो जाता।
उन्होंने कहा कि इस मसले पर विपक्ष के विरोध से बचने के लिए सरकार ने संसद के बजट सत्र को निर्धारित समय से दो दिन पहले ही 8 मई को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
आडवाणी ने आरोप लगाया कि सरकार आपातकाल के दिनों की तरह व्यवहार कर रही है।
विपक्ष लगातार भ्रष्टाचार के मसले पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कानून मंत्री अश्वनी कुमार, रेल मंत्री पवन कुमार बंसल का इस्तीफा मांग रहा है। लेकिन सरकार उलटा अपने मंत्रियों का बखूबी ढंग से बचाव कर रही है।
खासकर कानून मंत्री के मामले पर सरकार का रवैया निराशाजनक है। आडवाणी ने कहा कि कानून मंत्री के इस्तीफे से प्रधानमंत्री तक आंच जाएगी। और उनका रहना भी मुश्किल हो जाएगा। इसलिए सरकार उनको बचा रही है।
उन्होंने कहा कि संसद के सुचारु ढंग से चलने के लिए विपक्ष यह मांग कर रहा था कि कानून मंत्री इस्तीफा दें और रेल घूस मामले में रेल मंत्री पवन कुमार बंसल को बर्खास्त किया जाए। पर सरकार ने मांग नहीं मानी और समय से पहले ही संसद को स्थगित कर दिया।