कैश फॉर वोट मामले में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू मुश्किल में फंस गए हैं। उनकी परेशानी बढ़ाई है एक ऑडियो टेप ने।
दरअसल, इस आडियो टेप में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू एक तेलंगाना विधायक एलविस स्टीफेंसन से फोन पर बात करते सुनाई दे रहे हैं। जिसमें उन्होंने तेलंगाना विधायक को टीडीपी उम्मीदवार का समर्थन की बात कह रहे हैं। कथित ऑडियो टेप में वो विधायक से किसी भी मामले में परेशान होने से मना किया है और विधायक को पूरे समर्थन की भी बात कही है।
एक टीवी चैनल पर प्रसारित इस ऑडियो के सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है। कैश फॉर वोट का पूरा मामला तेलंगाना का है। जिसमें मुख्यमंत्री के ऑडियो टेप के आने के बाद एक नया मोड़ आ गया है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने टेप को किया खारिज
दूसरी ओर इस ऑडियो टेप को लेकर आंध्र प्रदेश सरकार हरकत में आई है। सरकार की ओर से तेलुगु समाचार चैनल पर चले कथित ऑडियो टेप को खारिज करते हुए कहा गया है कि इसमें मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की आवाज नहीं है और राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी।
तेलुगु समाचार चैनल टी न्यूज ने सबसे पहले इस ऑडियो टेप को प्रसारित किया। हालांकि कहा जा रहा है कि ये चैनल तेलंगाना में सरकार चला रही तेलंगाना राष्ट्र समिति पार्टी का ही चैनल है। इस चैनल में टेप के प्रसारण के बाद दूसरे चैनलों ने इसे चलाना शुरू किया।
टेप में हुई बातचीत पर गौर करें तो आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना के मनोनित विधायक एल्विस स्टीफेंसन से बातचीत करते हुए कहते हैं कि हमारी पार्टी के लोगों ने मुझे सभी मामलों की जानकारी दी है। मैं हर तरह से तुम्हारे साथ हूं। अगर वो कुछ भी कहेंगे उसे पूरा करने की हम कोशिश करेंगे। तुम्हे इस मामले में चिंता करने की जरूरत नहीं है।
टीडीपी विधायक की हो चुकी है गिरफ्तारी
बता दें कि 31 मई को ऐसे ही एक मामले में टीडीपी विधायक रेवंत रेड्डी गिरफ्तारी हुई है। उन पर स्टीफेंसन से बातचीत करने और विधान परिषद चुनाव में तेलगुदेशम पार्टी उम्मीदवार को समर्थन देने के बदले घूस की बात सामने आई थी।
इसके बाद तेलंगाना के एंटी करप्शन ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए रेवंत रेड्डी को पूछताछ के लिए बुलाया और कैश फॉर वोट के मामले में गिरफ्तार भी किया था। रेवंत रेड्डी दो अन्य साथियों के साथ मंगलवार तक पुलिस हिरासत में है।
इस बीच तेलंगाना राज्य के गृहमंत्री एन. नरसिम्हा रेड्डी ने कहा कि हम पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। मामला आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस पूरे विवाद की प्रमुखता से जांच की जाएगी।
दूसरे दलों ने की जांच की मांग
इस बीच तेलंगाना की एंटी करप्शन ब्रांच की योजना आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को सम्मन भेजने की है। हालांकि इस पूरे विवाद से सियासी हंगामा बढ़ता दिख रहा है। पूरे मामले में दूसरे दलों के भी पक्ष सामने आए हैं।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर वाकई में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू दोषी हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
If the audio tapes of Chandra Babu regarding cash for votes are genuine then he must resign.— digvijaya singh (@digvijaya_28) June 8, 2015
उधर टीडीपी ने तेलंगाना की के. चंद्रशेखर राव सरकार पर गैर कानूनी तरीके से पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के फोन टैप करने का आरोप लगाया है।
आप भी सुनिए आखिर क्या है टेप में?
टीडीपी ने इस मामले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के खिलाफ दो जगहों पर केस दर्ज कराया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के खिलाफ एक केस विजयवाड़ा में
दर्ज कराया गया है।
आंध्र प्रदेश के दो मंत्रियों ने अवैध फोन टेपिंग
के आरोप में ये केस दर्ज कराया है। वहीं विशाखापट्टनम में भी टीडीपी सांसद
ने चंद्रशेखर राव पर केस दर्ज कराया है। चंद्रशेखर राव पर दस्तावेजों की
हेराफेरी के आरोप में ये केस दर्ज कराए गए हैं।
आखिर क्या है टेप में, सुनिए-->>>