केंद्र सरकार वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घूसकांड पर मचे सियासी तूफान को थामने के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से मामले की जांच कराने को तैयार है।
इस मुद्दे पर संसद की सियासत गरमाने की आशंका देख बजट सत्र के ठीक दो दिन पहले संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि यूपीए सरकार जेपीपी समेत किसी भी जांच को तैयार है। अगर ऐसा होता है तो यह पहला मौका होगा जब एक ही सरकार के कार्यकाल में दो घोटालों की जेपीसी जांच होगी।
टूजी स्पेक्ट्रम घाटाले की भी जेपीसी जांच चल रही है और उसे बजट सत्र के अंत तक अपनी रिपोर्ट देनी है। इससे पहले हर्षद मेहता से संबंधित शेयर घोटाला और कोल्ड ड्रिंक्स में मिलावट मामलों की जेपीसी जांच हो चुकी है। प्रमुख विपक्षी दल भाजपा हेलीकॉप्टर घूसकांड को बोफोर्स से भी बड़ा घोटाले के तौर पर प्रचारित करने में जुटी है। चूंकि मामला इटली से भी जुड़ा है, इसलिए सरकार इस मामले को संसद में ज्यादा तूल देने से रोकना चाहती है।
सीबीआई पहले से जांच कर रही है। इसलिए सरकार के पास अब जेपीसी जांच का ही विकल्प बचा है। टूजी मामले से सबक लेते हुए सरकार ने हर तरह की जांच कराने की बात कह दी है। टूजी मामले में संसद का पूरा सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया था और मामला तूल पकड़ने से घोटाले की जानकारी भी घर-घर तक पहुंच गई।
सरकार को इस सत्र में आम बजट और रेल बजट भी पारित कराने हैं। इनके अलावा 71 विधेयक भी कार्यसूची में हैं। इन्हें पारित कराने के लिए सरकार को विपक्ष की मदद की जरूरत है। माना जा रहा है कि इसीलिए सरकार हेलीकॉप्टर मामले की जेपीसी जांच को तैयार हुई है।
कार्यसूची और अहम बिल
बजट सत्र के दौरान पेश, पारित और चर्चा के लिए पेश होने वाले 71 विधेयकों में लोकपाल, महिला आरक्षण, भूमि अधिग्रहण, सरकारी नौकरियों में आरक्षण, अपराध (संशोधन) विधेयक प्रमुख हैं। कमलनाथ ने कहा कि सरकार की कोशिश रहेगी कि लोकपाल और महिला आरक्षण विधेयक पारित हो जाएं।
अपराध (संशोधन) समेत तीन अध्यादेशों के लिए विधेयक लाए जाएंगे। इस बार कुल 16 नए विधेयक पेश होंगे। 21 परवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण से शुरू हो रहे बजट सत्र में कुल 34 बैठकें होंगी। 26 फरवरी को रेल बजट, 27 को आर्थिक समीक्षा और 28 फरवरी को आम बजट पेश होगा। सत्र का पहला चरण 22 मार्च तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण 22 अप्रैल से 10 मई तक चलेगा।