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'मोदी सरकार कायर, तानाशाह की तरह कर रही काम'

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पश्चिम बंगाल के साथ-साथ देशभर के राजनीतिक हलके को हिलाकर रख देने वाला शारदा चिटफंड घोटाला ममता बनर्जी सरकार का पीछा छोड़ने का नाम नहीं ले रहा है। तृणमूल के दो सांसदों को जेल भेजने के बाद सीबीआई ने शुक्रवार को ममता के एक मंत्री को जेल भेज दिया।
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सीबीआई की इस कार्रवाई से पश्चिम बंगाल की राजनीति में हड़कंप मचा है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए तो यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि दो सांसद पहले ही जेल में हैं और पार्टी से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी सीबीआई धीरे धीरे शिंकजा कसती जा रही है।

वहीं सीबीआई की इस कार्रवाई से भड़की ममता बनर्जी ने केन्द्र सरकार और सीबीआई को निशाने पर ले लिया है। ममता ने सीबीआई पर सवाल उठाते हुए कहा कि कौन है सीबीआई। देशभर में हजारों मुकदमे लंबित पड़े हैं लेकिन सीबीआई उन्हें छोड़कर जबरन इस मुद्दे को उठा रही है। ममता ने अपनी मंत्री की गिरफ्तारी को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताया है।
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सीबीआई ने पूछताछ के बाद मित्रा को जेल भेजा

जानकारी के अनुसार तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली नेता और परिवहन मंत्री मदन मित्रा को सीबीआई ने समन देकर पूछताछ के लिए बुलाया था। जिसके बाद पांच घंटे चली पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गौरतलब है कि हजारों करोड़ रुपये के चिटफंड घोटाले में ममता सरकार के कई मंत्रियों के साथ मदन मित्रा का नाम भी आया था। आरोप है कि मदन मित्रा ने शारदा कंपनी के कई कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में भागीदारी की थी।

वह जब तब विभिन्न कार्यक्रमों में प्रदेश में रोजगार पैदा करने के लिए शारदा के संरक्षक और मुख्य आरोपी सुदीप्त सेन की प्रशंसा भी करते रहे हैं। जिसके बाद शारदा घोटाले सामने आने के बाद से ही मदन मित्रा सीबीआई के राडार पर चल रहे थे।

सीबीआई उनसे लगातार पूछताछ का प्रयास कर रही थी, लेकिन मदन लगातार इससे बचते आ रहे थे। पूर्व में भी सीबीआई ने 18 नवंबर को समन जारी कर मदन मित्रा को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह बीमारी का बहाना कर 20 नवंबर को अस्पताल में भर्ती हो गए थे, जहां से उन्हें 26 नवंबर को छुट्टी दी गई थी।

शाह ने लगाए थे आतंकियों को संरक्षण के आरोप

इसके बाद सीबीआई ने उन्हें समन जारी कर शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया। इससे पहले सीबीआई उनके पूर्व सहायक बापी करीम से भी पूछताछ कर चुकी है। शुक्रवार को सुबह 11 बजे मदन मित्रा पूछताछ के लिए पहुंचे, जहां पांच घंटे चली पूछताछ के बाद सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

वहीं इससे पूर्व शारदा चिटफंड घोटाले में तृणमूल के दो सांसद संजय घोष और कुणाल घोष गिरफ्तार हो चुके हैं। जबकि मंत्री मदन मित्रा को गिरफ्तार करने से पूर्व सीबीआई तृणमूल सरकार में कपड़ा मंत्री श्यामपद मुखर्जी से भी पूछताछ कर चुकी है।

वहीं सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा चुकी है। हाल में कोलकाता में रैली करने पहुंचे भाजपा अध्यक्ष शारदा घोटाले को लेकर ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर सीधे-सीधे निशाना साध चुके हैं।

उन्होंने सीधे-सीधे आरोप लगाया ‌था कि शारदा चिटफंड घोटाले के पैसे से ही वर्धमान बम धमाके को अंजाम दिया गया था। अमित शाह ने ममता सरकार पर देशविरोधी तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए तृणमूल के कई नेताओं के तार बम धमाके के आरोपियों से जुड़े होने की बात कही थी।

वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस पर कहा कि सीबीआई ने अपना काम किया है इस पर हम क्या कह सकते हैं। वहीं माकपा के डी राजा ने कहा कि मंत्री की गिरफ्तारी इस मामले में एक गंभीर प्रगति है।
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मोदी, शाह में हिम्मत है तो मुझे गिरफ्तार करके दिखाएं

अपने मंत्री की गिरफ्तारी पर भड़की पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीबीआई और केन्द्र सरकार पर आरोपों की बौछार कर दी है। ममता ने केन्द्र सरकार को तानाशाह बताते हुए मदन मित्रा की गिरफ्तारी को पूरी तरह असवैंधानिक और गैरकानूनी बताया है।

ममता ने कहा कि केन्द्र सरकार बहुत ही खतरनाक और असवैंधानिक खेल खेल रही है। कहा कि भाजपा सरकार कायर है वह पूरी तरह तानाशाहों की तरह व्यवहार कर रही है। उन्होंने सीबीआई को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि "‌कौन है सीबीआई"। देशभर में उसके जिम्मे हजारों मामले लंबित पड़े हैं लेकिन उसे उनकी फिक्र नहीं है। वह जानबूझकर शारदा घोटाले की आड़ में प्रदेश सरकार को तंग कर रही है।

ममता ने कहा हम इससे रुकने वाले नहीं हैं, अगर जरूरत पड़ी तो हम दिल्‍ली में जाकर भी केन्द्र की इस मनमानी और तानाशाही के खिलाफ विरोध जताएंगे। वह इतने पर ही नहीं रुकी, अपरोक्ष रूप से मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर केन्द्र का मंत्री बंगाल में गिरफ्तार हो जाएगा तो फिर वह क्या करेंगे।

वहीं उन्होंने अपने मंत्री मदन मित्रा का पक्ष लेते हुए कहा कि मामले में नाम आने के बाद मदन ने मुझे इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन मैने ही उन्हें मना कर दिया था, अब सीबीआई ने गैरकानूनी रूप से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने केन्द्र सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि मोदी और अमित शाह में हिम्मत है तो मुझे गिरफ्तार करके दिखाएं।
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