वक्त भी भारत और पाकिस्तान के बीच जारी कड़वे रिश्तों पर आंख मिचौली का खेल-खेल रहा है। दोनों देशों को करीब लाने की हर छोटी-मोटी कोशिश में भी अड़चन आ जा रही है।
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर की ऐसी ही एक छोटी कोशिश शुक्रवार को बड़ा विवाद बन जाती यदि अय्यर मामले को न संभालते। शुक्रवार को पाकिस्तान के सांसदों का एक दल लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के लिए संसद पहुंचा था।
लेकिन वक्त की बेवफाई के कारण लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि इसमें किसी की मंशा खराब नहीं थी बल्कि सूचना के आदान प्रदान में खामी रही।
पाकिस्तानी सांसदों के दल से मिलने के लिए महाजन अपने तय समय दोपहर 1 बजे से पंद्रह मिनट पहले अपने कक्ष में पहुंचकर अतिथियों का इंतजार करने लगीं। लेकिन 20 मिनट के इंतजार के बाद वे दोपहर 1.05 पर सदन में चली गईं। जबकि अय्यर इन सांसदों को लेकर समय से पहले 12.15 पर पहुंचे थे।
उन्हें जानकारी मिली की अध्यक्ष 1 बजे मिलेंगी। इसके बाद वे पाक सांसदों को लेकर अतिथि हॉल में जाकर इंतजार करने लगे। इस बीच लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय ने अय्यर से संवाद साधने का प्रयास किया। परंतु नेटवर्क की दगाबाजी के कारण उनसे संबंध स्थापित न हो सका।