दक्षिण चीन सागर में अपना दबदबा जमाने की कोशिश में लगे ड्रैगन की हरकतें अब हदें पार करने लगी हैं। अब उसकी नौसेना अंडमान निकोबार द्वीप के पास भारत के जलक्षेत्र का अतिक्रमण कर रही है।
हद तो तब हो गई, जब चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (प्लान) की पनडुब्बी भारतीय समंदर के पास मंडराती हुई देखी गई। हालांकि, अपने समंदर में इस तरह की गतिविधि देखकर भारतीय नौसेना भी और ज्यादा सतर्क हो गई है।
दरअसल, अंडमान-निकोबार द्वीप के पास एक अज्ञात पनडुब्बी रडार पर नजर आई, जिसके बाद फौरन अंडमान-निकोबार कमांड (एएनसी) को अलर्ट जारी कर दिया गया। पनडुब्बी पर निगरानी रखी गई तो पता चला कि यह चीनी नौसेना की पनडुब्बी है।
चीनी पोत की गतिविधि पर लगातार नजर
एएनएसी (सीआईएनसीएएन) में वाइस एडमिरल पीके चटर्जी ने कहा, ‘हम चीनी पोत की गतिविधि पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
यह कोई पहली बार नहीं है, जब प्लान के पोत द्वीप के आसपास मंडराते देखे गए हैं। वास्तव में स्थितियां बदलने के बाद अंडमान-निकोबार द्वीप पर रक्षा पर ज्यादा जोर है।
इस क्षेत्र में पानी पर और उसके भीतर पोतों की सक्रियता अक्सर रहती ही है। इसीलिए हमें अपनी सीमाओं पर और चौकसी बरतने की जरूरत है।’
भारतीय जंगी जहाजों की बढ़ रही तैनाती
बीते कई सालों से अंडमान में बेहतर बुनियादी विकास के काम हुए हैं। पिछले आठ महीने में काफी विकास हुआ है।
खुद रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने भी इस कमांड की अहमियत बताते हुए पूर्वी समुद्री सीमा है। चटर्जी ने कहा कि इस क्षेत्र के विकास के प्रति जो नजरिया अपनाया गया है, उससे अगले पांच सालों में यहां की तस्वीर ही बदल जाएगी।
अतिरिक्त बलों के साथ ही आईएनएस कोर्मुक और पी8 जंगी जहाजों की तैनाती की गई है। यह इलाका भारत के मुख्य भूभाग से 1200 किमी दूर है।