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बर्फबारी-बारिश से घरों में दुबके लोग, यूपी में कइयों की मौत

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पिछले दो दिनों से बदले मौसम के मिजाज के कारण पहाड़ों समेत मैदानी इलाकों में भी जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रविवार को हुई बारिश-बर्फबारी के चलते लोग घरों में दुबके रहे। बर्फबारी के चलते हिमाचल में पांच हाईवे समेत 300 सड़कें बंद हैं और मनाली-शिमला में सैकड़ों पर्यटक जहां-तहां फंसे हुए हैं। उत्तराखंड में चारों धाम में जमकर बर्फ गिरी है। जम्मू-कश्मीर में वादी-ए-कश्मीर की डल झील सहित अन्य नदी नालों में बर्फ की हल्की परत जमने लगी है। बारिश के चलते पंजाब के होशियारपुर में होने वाले विश्व कबड्डी कप के चारों मैच स्थगित कर दिए गए हैं। इधर, यूपी में ठंड ने करीब एक दर्जन लोगों की सांसे थाम ली हैं। खराब मौसम के चलते हवाई, रेल और सड़क यातायात भी बाधित हुआ है।
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भारी हिमपात के चलते हिमाचल विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार से बुधवार तक पूर्व निर्धारित यूजी और पीजी की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। कई क्षेत्रों में दूध, ब्रेड जैसी आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई नहीं पहुंची। शिमला, मनाली, मैकलोडगंज, डलहौजी समेत सूबे के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है।

कई इलाकों में बिजली-पानी, दूरसंचार सेवाएं भी ठप हो गई हैं। उत्तरशाल के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल पराशर में 30 सेंटीमीटर बर्फ गिरने से पवित्र पराशर झील जम गई है। कुल्लू की सरयोलसर, भृगु, दशौहर और लाहौल की चंद्रताल झील जमने लगी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन के अनुसार हिमाचल के कई क्षेत्रों में सोमवार को भी हल्की बर्फबारी और बारिश हो सकती है। मंगलवार के बाद मौसम साफ होगा।
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शिमला में दिसंबर में एक दशक पुराना रिकार्ड टूटा

दिसंबर माह में राजधानी में बर्फबारी का पिछले एक दशक का रिकार्ड टूट गया है। शिमला में रविवार दोपहर बाद तक दो दिन में ही 36 सेंटीमीटर हिमपात दर्ज किया गया। एक दशक में दिसंबर महीने में इतनी बर्फ कभी नहीं गिरी। दस साल में वर्ष 2007 में ही सर्वाधिक 19.8 सेंटीमीटर बर्फ गिरी थी। 24 साल बाद मंडी के सुंदरनगर में बर्फबारी हुई है। वर्ष 1990 में दिसंबर माह में तीन दिन में 203 सेंटीमीटर बर्फ गिर चुकी है। इसके बाद वर्ष 1991 में दिसंबर महीने के दो दिनों में ही 91 सेंटीमीटर बर्फबारी हो चुकी है। वर्ष 1989 में चार दिन तक 76 सेंटीमीटर बर्फ गिरी थी।

बदरीनाथ में सात, हेमकुंड साहिब में नौ इंच बर्फ जमी
चारों धाम में भी जमकर बर्फबारी हुई है। बदरीनाथ धाम में सात, केदारनाथ धाम में पांच और हेमकुंड साहिब में नौ इंच तक बर्फ जम गई। यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम में बर्फ की सफेद चादर मोटी होती जा रही है। बर्फबारी से जोशीमठ-औली और गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ मोटर मार्ग कई जगह बंद हो गया। केदारनाथ धाम में तापमान माइनस 3 से 5 डिग्री के बीच रहा। बारिश के चलते राजाजी पार्क का चीला ट्रैक बंद कर दिया गया है। केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य ठप है।

देहरादून में हल्की बारिश हुई। जिले में संचार सेवा ठप होने से 180 गांव का संपर्क कट गया। हरिद्वार में बारिश के साथ ओले गिरे। मुनस्यारी, चंपावत, पिथौरागढ़ की ऊंची चोटियों पर हिमपात का क्रम दूसरे दिन भी जारी रहा। मुनस्यारी में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, किश्तवाड़, डोडा, रामबन, कठुआ जिलों के ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी ने लोगों की मुसीबतें बढ़ाई हैं। राज्य में कारगिल इलाका सबसे ज्यादा ठंडा चल रहा है। घाटी के अधिकांश हिस्सों में रात का तापमान शून्य से नीचे है।

यूपी में ठंड से कई मरे, शाहजहांपुर सबसे ठंडा

दिसंबर मध्य में शुरू हुई ठंड दो दिन में ही बेरहम हो गई। यूपी में ठंड ने करीब दर्जनभर लोगों की जानें ले ली हैं। पूर्वांचल के मिर्जापुर में दो, वाराणसी में एक और भदोही में एक ने ठंड से जान गंवा दी। जबकि कानपुर रीजन के बांदा में तीन, महोबा में दो, फतेहपुर-इटावा में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। एटा में ठंड से एक युवक की मौत हो गई। शाहजहांपुर 3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम पारे के साथ प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। आगरा में दिनभर बादल घिरे रहे। मुरादाबाद मंडल में भी लुढ़का रहा पारा। नैनीताल हाईवे में पानी भरने से ट्रक फंस गया जिसकी वजह से सात घंटे तक वाहनों की रफ्तार थमी रही।

मेरठ में दिन का न्यूनतम पारा 12.1 डिग्री रहा। 3.1 मिमी. बारिश रिकार्ड हुई। ओले भी गिरे। बारिश ने फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। गन्ने की कटाई प्रभावित हो गई है तो साथ ही गेहूं की बुआई पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। मौसम विज्ञानियों ने अगले 24-36 घंटों में मौसम और सुधरने की बात कही है। वाराणसी में 2.4, गोरखपुर में 1.2, इलाहाबाद में 10.1 मिमी बारिश ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया। दिन का अधिकतम पारा कई इलाकों में सामान्य से दो से 9 डिग्री तक कम दर्ज किया गया। गोरखपुर, वाराणसी, सुल्तानपुर, इलाहाबाद, झांसी, मेरठ, कानपुर, बांदा, उरई, हमीरपुर, अलीगढ़ में दिन का अधिकतम पारा सामान्य से 6 से 9 डिग्री तक धड़ाम हुआ। अगले दो-तीन दिन में मौसम सामान्य होना शुरू हो जाएगा।

चंडीगढ़ में दिसंबर माह में पहली बार इतनी बारिश
दो दिन से हो रही जबरदस्त बारिश ने चंडीगढ़ में नए रिकॉर्ड कायम कर दिए हैं। 24 घंटे के भीतर रिकॉर्ड 74.3 एमएम बारिश दर्ज की गई है। यह चंडीगढ़ के इतिहास में पहली बार है। इससे पहले ऑल टाइम रिकॉर्ड 29 दिसंबर 1982 में दर्ज किया गया था। उस दौरान 55.8 एमएम बारिश हुई थी। उस रिकॉर्ड को भी 32 साल गुजर चुके हैं। वहीं, हरियाणा में हुई बरसात ने किसानों की गेहूं और सरसों की फसल अच्छी होने की आस बंध गई है।

दो दिन घना कोहरा करेगा परेशान

पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात के मिलने के बाद से बिगड़े मौसम का मिजाज रविवार को भी नहीं बदला। एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत में शनिवार को शुरू हुआ भीगा-भीगा दिन रविवार को भी जारी रहा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर के ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी हुई तो दिल्ली और आसपास के राज्यों में बरसात व तेज हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। रविवार को एनसीआर में भी धूप नहीं निकली। उत्तराखंड में चारों धाम और जम्मू-कश्मीर में जमकर बर्फ गिरी है।

दक्षिणी दिल्ली में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। बारिश 3.8 मिलीमीटर दर्ज की गई। दिल्ली में बारिश ने पिछले दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, यूपी और बिहार समेत देश के ज्यादातर हिस्सों में शनिवार रात का तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री तक ऊपर दर्ज किया गया। दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री ऊपर 14.2 डिग्री और अधिकतम तापमान सामान्य से 7 डिग्री नीचे 16 डिग्री दर्ज किया गया। अगले दो दिन घना कोहरा मैदानी इलाकों में परेशान करेगा।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 17 दिसंबर से मौसम खुलेगा। हवा की गति कम होगी और धूप भी निकलेगी। इससे दिन के तापमान में मामूली वृद्धि होगी और रात के तापमान में 2 से 5 डिग्री तक गिरावट आएगी। हालांकि इससे पहले 15-17 दिसंबर तक दिल्ली, राजस्थान, यूपी, हरियाणा, पंजाब और बिहार के बड़े हिस्से में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान दृश्यता 200 मीटर से भी नीचे गिर सकती है।
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बर्फबारी ने ली तीन जवानों की जान

पहाड़ों पर बर्फबारी से लोग बेहाल रहे। बर्फबारी के चलते हिमाचल प्रदेश में पांच हाईवे समेत 300 सड़कें बंद हो गईं। जहां-तहां सैकड़ों सैलानी फंसे हुए हैं। लाहौल और किन्नौर देश-दुनिया से कट गए हैं। शिमला, मनाली, मैकलोडगंज, डलहौजी समेत कई क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है। रोहतांग में सबसे ज्यादा 240 सेंटीमीटर ताजा हिमपात हुआ है। बिगड़े मौसम ने प्रदेश में सात लोगों की जान ले ली है। शनिवार रात भारत-चीन सीमा पर किन्नौर के पूह से शिपकिला आर्मी कैंप में पानी लेकर जा रहा सेना का ट्रक हाबसर नाला के पास बर्फ पर फिसलकर 300 फीट गहरी खाई में गिर गया। हादसे में तीन फौजियों की जान चली गई। वहीं यूपी में ठंड से दर्जनभर लोगों की जान चली गई।

हापुड़-गाजियाबाद भी बारिश से तर
रविवार को हापुड़-बुलंदशहर में भारी जबकि गाजियाबाद में हल्की बारिश हुई। इसके साथ ही तेज सर्द हवाएं चलने लगी। इससे तापमान 19.13 से लुढ़ककर 10.15 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सोमवार को भी बारिश की संभावना है।

क्यों बिगड़ा अचानक मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर से सटे हुए इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान में बने चक्रवात के मिलने से अचानक मौसम बिगड़ा है। पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान तक पहुंचने वाली हवा में नमी की मात्रा अधिक है। जब कभी पाकिस्तान के निचले हिस्से में पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान में चक्रवात एक साथ बनता है तो उसका प्रभाव मैदानी इलाकों तक आता है। नहीं तो पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों तक सीमित असर देता है।
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