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पति की जलती चिता में 'सती' हो गई महिला!

Mon, 15 Dec 2014 11:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहरसा, पटना
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70 वर्षीय गहवा देवी की चिता उनके पति की चिता के साथ ही मिली है। कहा जाता है कि शनिवार की देर शाम जब उनके पति रामचरित्र मंडल की चिता जल रही थी, तो उन्होंने खुद को जलती चिता को समर्पित कर दिया।
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इस सूचना के बाद सहरसा के परमनिया गांव अचानक सुर्खियों में आ गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पति-पत्नी की चिता एक साथ मिली है, लेकिन दोनों की मृत्यु के कारणों की जांच की जा रही है।

परिजनों का कहना है कि वो सधवा ही मरी, उन्होंने विधवा का जीवन नहीं जीया, लेकिन उन्हें सती कहना गलत है और उन्हें ऐसा करने के लिए किसी ने प्रेरित भी नहीं किया है।
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'घरवालों ने नहीं बचाया'

पेशे से वकील और पत्रकार गहवा देवी के बेटे रमेश मंडल ने बताया कि उनके पिता रामचरित्र मंडल की मौत कल कैंसर के कारण हो गयी। देर शाम उनकी चिता जलने के बाद शमशान गये लोग नहाने के लिए तालाब की ओर चले गये।

इसी बीच, घर में बहू के साथ बैठी उनकी मां आंगन से करीब 100 मीटर की दूरी पर जल रही चिता के समीप चली गयी। अंधेरा होने के कारण किसी ने उन्हें जाते वक्त नहीं देखा। कुछ देर बाद लोगों ने देखा कि वहां दो लपटें उठ रही हैं। पास जाकर पता चला कि उनकी मां भी पिता के साथ जल रही हैं। उन्होंने ऐसा खुद किया या वो एक दुर्घटना की शिकार हुई यह कहा नहीं जा सकता, लेकिन उन्हें ऐसा करने के लिए किसी ने प्रेरित नहीं किया और उन्होंने कभी ऐसी इच्छा भी प्रकट नहीं की थी।

इस घटना की तत्काल ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस अधीक्षक पंकज सिन्हा के अनुसार उन्हें बताया गया है कि गहवा देवी के पति के अंतिम संस्कार के बाद जब परिजन वापस लौट गये, तो वह जलती हुई चिता पर कूद गयी। घर लौटने पर जब महिला घर में नहीं मिलीं, तो श्मशान घाट पर उन्हें ढूंढ़ने के लिए गये। ग्रामीणों का आरोप है कि पति की चिता के साथ गहवा देवी को जलते देखकर घरवालों ने उन्हें नहीं बचाया। वैसे पुलिस अब तक इस संदर्भ में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की है।
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