भारतीय चुनाव आयोग ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को क्लीन चिट दे दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त वी.एस.संपथ ने बताया कि राहुल गांधी के खिलाफ पोलिंग बूध मे प्रवेश करने पर कोई मामला नहीं बनता है। भाजपा ने राहुल गांधी की शिकायत चुनाव आयोग में की थी कि चुनाव के दौरान पोलिंग बूथ में जाना चुनावी आचार संहिता का उल्लघंन था।
मुख्य चुनाव आयुक्त वी.एस.संपथ ने बताया कि वाराणसी को लेकर लिए गए सभी निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों ने मिलकर किए थे। नेता के कद को देखते हुए उनकी सुरक्षा को लेकर खिलवाड़ नहीं किया जा सकता था। चुनाव आयुक्त ब्रहमा भी सभी निर्णयों में शामिल थे। सर्वसम्माति से सभी निर्णय लिए गए थे।
चुनाव आयुक्त वी.एस.संपथ ने बताया कि मोदी की रैली के लिए जिला प्रशासन ने दूसरा स्थान उपलब्ध कराने के लिए कहा था। वहीं कुल मिलाकर सुरक्षा कारणों के चलते भाजपा की तरफ से रैली के लिए मांगे गए स्थल को देने से मना किया गया था।
चुनाव आयोग में हुई थी शिकायत
पहले कयास लगाए जा रहे थे कि अमेठी में मतदान के दिन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की अति सक्रियता उन्हें महंगी पड़ सकती है, भाजपा ने राहुल के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत की थी।
अमेठी मे मतदान के दिन ईवीएम मशीन के पास कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पहुंच गए थे। भाजपा ने चुनाव आयोग से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की थी।
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने इसे कानून का उल्लंघन बताते हुए कहा था कि कांग्रेस उपाध्यक्ष का यह कदम अपराध की श्रेणी मे आता है।
उन्होंने कहा कि कानून किसी भी प्रत्याशी को ईवीएम मशीन के पास जाने की अनुमति तभी देता है, यदि वह उस क्षेत्र का मतदाता हो। इसके अलावा मतदान अधिकारी और मतदाता ही मतदान के दौरान मशीन के पास जा सकते हैं।
राहुल गांधी ने तोड़ा था कानून?
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने ईवीएम मशीन के पास जाकर कानून को तोड़ा है। इसलिए चुनाव आयोग को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। वेंकैया के नेतृत्व मे पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने चुनाव आयोग को इस मामले में शिकायती पत्र सौंपा।
गौरतलब है कि अमेठी में मिल रही कड़ी चुनौती के कारण राहुल गांधी मतदान वाले दिन भी अमेठी में ही थे। इस दौरान उन्होने कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।
ट्विटर पर भी एक तस्वीर जारी हुई थी जिसमें राहुल गांधी एक ईवीएम मशीन के पास खड़े थे।
कांग्रेस का गढ़ रहा अमेठी
राहुल गांधी कल मतदान के दिन सुबह ही अमेठी आ गए थे। अमेठी में इस बार राहुल गांधी के सामने भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी और आम आदमी पार्टी के कुमार विश्वास हैं।
जहां कुमार विश्वास पिछले चार महीने से अमेठी में डेरा डाले हुए हैं वहीं स्मृति की उम्मीदवारी के बाद हुई मोदी की रैली से समीकरण बदलते हुए दिखाई दे रहे थे। जिसके कारण अब तक कांग्रेस का गढ़ रहा अमेठी में राहुल गांधी के हारने की भी चर्चा होने लगी थी।
ग्रामीण क्षेत्रों की जनता को शिकायत है कि चुनाव जीतने के दस साल बाद भी गांवों में नहीं आये, वहीं मोदी लहर के कारण युवा वोटर भी कांग्रेस से दूर जा सकता है।