सोमवार को यूं तो वित्त मंत्री पी चिदंबरम बजट पेश कर रहे थे, लेकिन उनका निशाना राजनीतिक लक्ष्यों पर भी था। बजट भाषण की आड़ में उन्होंने नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला।
चिंदबरम ने इस अवसर पर कहा कि प्रशासन का विकल्प 'लोकलुभावन घोषणाएं या व्यक्तिवादी' राजनीति नहीं हो सकती। उन्होंने भरोसा जताया कि लोग यह जिम्मेदारी उसी 'हाथ' को देंगे, जो समानता के साथ के लिए काम करता है।
जाहिर है, हाथ कांग्रेस पार्टी का चुनाव चिन्ह है और चिदंबरम इस बहाने वोट भी मांग रहे थे।
हार्वर्ड को लेकर मोदी पर चिदंबरम का वार
पी चिदंबरम ने बजट भाषण का इस्तेमाल भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर हमला बोलने के लिए भी किया। मोदी कई बार चिदंबरम पर निशाना साध चुके हैं। आज बारी उनकी थी।
वित्त मंत्री ने कहा कि 'दूसरे मेंटर के अलावा मेरी मां और हार्वर्ड ने भी मुझे कड़ी मेहनत का मूल्य समझाया है।' मोदी ने पिछले हफ्ते हार्वर्ड को लेकर चिदंबरम पर तंज कसा था।
तमिलनाडु पहुंचे नरेंद्र मोदी ने हाल में कहा था कि गुजरात में दर्ज की गई ग्रोथ उनकी कड़ी मेहनत की वजह से है, न कि हार्वर्ड के कारण। निशाना चिदंबरम की ओर था और वो भी उनके अपने राज्य में।
गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
वित्त मंत्री ने कहा कि ज्यां द्रेज और अमर्त्य सेन का कहना है कि भारत ऐसा पहला गैर-पश्चिमी और दुनिया का पहला गरीब मुल्क है, जो बेहतर तरीकों से गवर्नेंस की बात करता है।
साल 2014-15 का अंतरिम बजट पेश करते हुए पी चिदंबरम ने कहा कि लोकतंत्र विविधता को स्वीकार करता है, विरोध और आलोचना का सम्मान करता है, बहस को प्रोत्साहन देता है और चुने हुए प्रतिनिधि के जरिए शासन चलता है।
चिदंबरम ने जोर देकर कहा, "हमारे शासन का तरीका बीते दस साल में 14 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के आड़े नहीं आया। यह यूपीए सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है और हमें इस पर गर्व है।"