औद्योगिक घरानों पर लगातार निशाना साध रहे अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कारोबारियों के बीच आम आदमी पार्टी की आर्थिक नीति पर बात की।
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इस दौरान सीधे-सपाट शब्दों में केजरीवाल ने कहा कि सरकार का काम धंधा करना नहीं, देश को ईमानदार शासन देना है। उनकी पार्टी न तो निजीकरण के खिलाफ है और न ही पूंजीवाद के। पार्टी को एतराज गलत तरीके से कारोबार करने पर है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के मंच से केजरीवाल ने कहा कि विकास सरकारें नहीं करतीं, बल्कि कारोबार कर रहे आम लोग करते हैं। सरकार का काम कारोबार करना नहीं है, इसे निजी हाथों में छोड़ देना चाहिए। लोगों को सुरक्षा, इंसाफ और भ्रष्टाचार मुक्त शासन मुहैया कराने के लिए सरकार को काम करना चाहिए।
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ईमानदारी से काम करना चाहते हैं 99 फीसदी लोग
केजरीवाल ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी को छोड़कर दूसरी कोई पार्टी इन मसलों पर बात नहीं करती। उन्होंने कहा कि देश के 99 फीसदी लोग ईमानदारी से काम करना चाहते हैं, लेकिन देश में जानबूझकर ऐसा माहौल बनाया गया है, जिससे लोगों को मजबूरन बेईमानी करनी पड़े। लोगों को इस जकड़न से निकालने के लिए मौजूदा नीतियों व व्यवस्था में बदलाव करना होगा।
केजरीवाल ने कहा कि इस तरह की नीति बननी चाहिए, जिससे कारोबार प्रगति कर सके। देश में इंस्पेक्टर व लाइसेंस राज खत्म करना बेहद जरूरी है। अगर एक व्यक्ति दुकान शुरू करता है तो उसे तीस से ज्यादा विभागों से संपर्क करना पड़ता है।
केजरीवाल ने कहा कि इस व्यवस्था को बदलना होगा। हमें ऐसा कारोबारी माहौल बनाना होगा, जहां कारोबार शुरू करना और इसका विस्तार करना आसान हो।
'कोयले में कांग्रेस और भाजपा दोनों के हाथ काले'
उन्होंने माना कि अगर सरकार भ्रष्ट है तो निजी क्षेत्र भी काम नहीं करेगा। दिल्ली विद्युत बोर्ड और कोल इंडिया लिमिटेड का उदाहरण देते हुए केजरीवाल ने कहा कि निजीकरण के बावजूद भी दोनों जगहों पर भ्रष्टाचार पनपा।
केजरीवाल ने कहा कि कोयले में कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपने हाथ काले किए। यहां मसला शासन का आ जाता है।
उन्होंने यह भी माना कि जहां प्रतिस्पर्द्धा होगी, वहां निजीकरण जरूरी है, लेकिन एकाधिकार वाले क्षेत्रों के लिए कोई दूसरा सिस्टम तलाशना होगा। इसे नियामक के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।
यूपीए सरकार पर साधा निशाना
केजरीवाल ने यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले दस सालों से यह देश दुनिया के एक बड़े अर्थशास्त्री के हाथ में है। इनके साथ विशेषज्ञों की बड़ी टीम भी है, लेकिन आम लोग देश के मौजूदा आर्थिक हालात से ख़ुश नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि पूरी अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई। इसकी वजह यह है कि यूपीए सरकार ने ईमानदार राजनीति नहीं की। उन्होंने कहा कि ईमानदार राजनीति होते ही शासन भी ठीक से काम करेगा और देश विकास के रास्ते पर बढ़ेगा।
गैस व बिजली पर केजरीवाल की सफाई
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गैस के कुएं हम सबके हैं। दस्तावेज बताते हैं कि कुओं से गैस निकालने की कीमत एक डॉलर से भी कम बैठती है। इसमें कंपनी का मुनाफा जोड़ने के बाद भी कीमत आठ डॉलर तक नहीं जाती।
उन्होंने सवाल किया कि देश की संपत्ति की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से तय करने की क्या जरूरत है। बिजली कंपनियों के ऑडिट पर उन्होंने कहा कि अगर सब-कुछ ठीक है तो ऑडिट कराने में हर्ज क्यों है।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में दो कंपनियां हैं। ऑडिट कराने पर एक तैयार है लेकिन दूसरी एतराज करती है। उन्होंने कहा कि निजीकरण के बावजूद सरकार कंपनी की मनमानी पर चुप नहीं रह सकती। आम आदमी पार्टी इसी तरह के पूंजीवाद के खिलाफ है।
केजरीवाल ने माना कि सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं, लिहाजा उम्मीद निजी क्षेत्र से ही बनती है। इसके लिए जरूरी है कि शिक्षा प्रणाली में सुधार किया जाए।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नए स्नातकों को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देना आज सरकार की जरूरत बन गई है। इस दिशा में बड़ी गंभीरता से काम करना होगा।