छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारी और अधिकारी अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य बन सकते हैं और उनके कार्यक्रमों में भी भाग ले सकते हैं।
सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के किसी राजनीतिक संगठन के सदस्य बनने या उसके आयोजनों में भाग लेने पर अब तक पाबंदी थी।
यहां तक कि सेवा शर्तों में राजनीतिक मामलों में सार्वजनिक रूप से मत व्यक्त करने पर भी रोक है।
मई 2000 में सरकार ने एक अधिसूचना जारी करके कहा था कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और दूसरी ऐसी संस्थाओं की गतिविधियों में भाग लेना या उसे किसी रूप में सहयोग देना छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन माना जाएगा।