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भारत में जन्मी राजेश्वरी बनी न्यूयॉर्क की पहली महिला न्यायाधीश

Wed, 29 Apr 2015 05:55 PM IST
एजेंसी/न्यूयॉर्क
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भारत के चेन्नई में जन्मी राजा राजेश्वरी अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर की पहली महिला न्यायाधीश बन गईं हैं। न्यूयॉर्क सिटी हॉल में मेयर बिल डी ब्लासियो ने 43 वर्षीय राजेश्वरी को आपराधिक न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई।
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राजेश्वरी 16 साल की किशोरावस्था में ही भारत से अमेरिका आकर बस गई थी। न्यायाधीश बनने से पहले वह 16 साल तक रिचमंड काउंटी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी कार्यालय में काम कर चुकी हैं।

राजेश्वरी अपने पूरे कैरियर के दौरान आपराधिक न्यायालय, नारकोटिक्स, सुप्रीम कोर्ट और सेक्स क्राइम्स स्पेशल विक्टिम्स समेत अन्य ब्यूरो में काम कर चुकी है। साथ ही चार साल से अधिक समय तक स्पेशल विक्टिम्स यूनिट में डिप्टी चीफ रह चुकी हैं। मेयर डी ब्लासियो ने कहा कि राजेश्वरी में दूसरों के लिए असाधारण सहानुभूति है।
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साथ ही भारतीय, मध्य पूर्वी और दक्षिण पूर्व एशियाई भाषाओं को बोलने की योग्यता के अलावा न्याय प्रणाली के प्रति लोगों में विश्वास बनाने को लेकर उनकी जमकर सराहना की। ब्लासियो ने कहा कि स्टेटन आइसलैंड में राजेश्वरी बतौर असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी काम कर चुकी हैं।
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महिलाओं और बच्चों के लिए किया काम

न्यायाधीश बनने को लेकर राजेश्वरी ने कहा कि वह इससे सम्मानित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘यह बिल्कुल सपना की तरह है। यह मेरी कल्पना से परे है।’ न्यूयॉर्क में आयोजित समारोह में राजेश्वरी ने 27 अन्य न्यायाधीशों के साथ शपथ ग्रहण किया।

भारत से रवाना होने से पहले राजा राजेश्वरी ने बाल विवाह का घृणित नजारा देखा था। इसके चलते न्यूयॉर्क में अभियोजक अटॉर्नी के रूप में राजेश्वरी ने महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुकदमों में काम किया। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा के अधिकतर मामले दक्षिण एशियाई और श्रीलंकाई के होते हैं। वह स्पेशल विक्टिम्स यूनिट की डिप्टी चीफ भी रह चुकी हैं।

भरतनाट्य में भी हासिल है महारथ
कानून की विशेषज्ञ होने के साथ ही राजेश्वरी को भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी नृत्य में भी महारथ हासिल है। वह पदमालय डांस अकादमी की अपनी मंडली के साथ भारतीय कार्यक्रमों और मंदिरों में लगातार प्रस्तुति देती रहती हैं। इस अकादमी का नाम उनकी मां पदमा रामनाथन के नाम पर रखा गया।
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