वो इंटरनेट पर लाखों के चहेते हैं और कई युवा दिलों की धड़कन भी। वो हिंदी के पॉप-रॉक म्यूजिक का चेहरा हैं। गाने के अलावा संगीत निर्देशन और संगीत लेखन में भी खुद को हिट साबित कर चुके हैं।
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अनुराग दीक्षित ने दो एल्बमों से ही युवाओं को अपना कायल बना लिया है। उनका पहला एल्बम 'साउंडस ग्रेट' पांच बार प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए नामित हो चुका है और इसे एम टीवी अवार्ड्स के लिए भी आमंत्रित किया गया था।
आसमान नाम के एल्बम के लिए अलाउड/हंगामा अवार्ड में नॉमिनेट होने पर अमर उजाला ने अनुराग दीक्षित से बातचीत की। उन्होंने अपनी जिंदगी और काम से जुड़ी कई और पर्तों को खोला।
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ऑडियंस ही अनुराग की प्रेरणा और जीत
अनुराग के हालिया कामों की बात करें तो उनका एल्बम 'आसमान' बीते दिनों ही रिलीज हुआ है और धूम मचा रहा है। इस एल्बम का गाना खलबली भी काफी पसंद किया जा रहा है।
इसे प्रतिष्ठित आर्टिस्ट–अलाउड/हंगामा अवार्ड के लिए नॉमिनेट किया गया है। हंगामा जैसे अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट होने पर अनुराग ने खुशी जताई।
उनका कहना है कि ऑडियंस के दिलों में जगह बनाना ही सबसे बड़ी जीत है, लेकिन हनी सिंह और कई नामी कलाकारों के साथ खुद का नाम नॉमिनेट होना भी अपने आप में एक उपलब्धि है।
उन्हें इस बात पर गर्व है कि वो इंडिपेंडेंट म्यूजिक अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किए गए हैं।
जोर-शोर के साथ बात रखने में है विश्वास
भारत में म्यूजिक में तेजी से बदलाव आ रहा है। हर तरह के म्यूजिक के साथ एक्सपेरिमेंट किया जा रहा है। ऐसे में जहां हमारी म्यूजिक इंडस्ट्री लगातार विकास कर रही है, वहीं हिंदी में रॉक के फ्यूजन पर अनुराग कुछ कहते हैं।
वो मानते हैं कि एक म्यूजिक एन्ज्वॉय करने वाली की एक बड़ी खेप यूट्यूब, टीवी और इंटरनेट से आती है। ये खेप नौजवान है और अपनी बात को जोर-शोर के अंदाज से रखना चाहती है।
ऐसे ही म्यूजिक के मुरीद अनुराग खुद हैं और इसलिए सही बातों और मुद्दों पर जोर-शोर से रॉक के माध्यम से बात रखते हैं और गाने गाते हैं।
समझाया क्या है हिंदी रॉक
रॉक को हम पाश्चात्य म्यूजिक से ज्यादा समझते हैं। अनुराग कहते हैं कि रॉक की शुरुआत विदेशों में भी तब हुई जब लोगों को किसी सामाजिक समस्या को लेकर आवाज उठानी होती थी।
ठीक इसी सोच और अंदाज में अनुराग ने भी अपना काम किया। ऐसा उनके साथ कई बार होता है जब आस-पास की घटनाएं और समाज में होते गलत काम उनके दिल को आहत करते हैं।
ऐसे में वो हिंदी रॉक की मदद से लोगों की सोच को सकारात्मक बनाने का काम म्यूजिक से करना पसंद करते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि कि खामोशी नाम का नया एल्बम बच्चों पर होते जुल्म को लेकर है।
वेस्ट के म्यूजिक और उनके अंदाज को तो हमने खूब अपने संगीत में ढाला है। पर क्या अनुराग इस कोशिश में हैं कि हमारे संगीत को वेस्ट में पॉपुलर कर पाए, ये भी हमने उनसे पूछा।
अनुराग ने कहा कि उनके आने वाले एल्बमों में वो बाहर के प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ काम करने वाले हैं। इन नामी हस्तियों में एफरोजैक और माइक ओल्डफील्ड जैसे लोग हैं।
हाल ही में पाकिस्तानी गायक फैजा मुजाहिद के साथ उन्होंने डुएट गाया है और भारतीय संगीत के हर स्टाइल को खासकर हिंदी पॉप और रॉक को बाहर भी सफल करने की कोशिश में लगातार लगे हुए हैं।