अलग तेलंगाना राज्य के गठन के पक्ष में फैसला आने पर किसी अनहोनी की आशंका से बचने के लिए आंध्र प्रदेश में अर्द्धसैनिक बलों के एक हजार अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा मुहैया कराए गए ये जवान राज्य में पहले से मौजूद अर्द्धसैनिक बलों के 1200 जवानों के साथ मिलकर सुरक्षा स्थितियों पर नजर रख रहे हैं।
इन्हें रायलसीमा और तटीय आंध्र के उन इलाकों में तैनात किए जाने की संभावना है, जहां अलग तेलंगाना के पक्ष में फैसला लेने पर विरोध के स्वर उठ सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों के अलावा कर्नाटक के 200 हथियारबंद पुलिस और 100 तमिलनाडु पुलिस के जवानों को हैदराबाद और उससे सटे इलाकों में तैनात किया गया है।
जबकि हाल ही में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए आंध्र में तकरीबन चार हजार सुरक्षा बलों के जवान पहले से ही तैनात किए गए हैं। गृह मंत्रालय राज्य सरकार के अधिकारियों से नियमित संपर्क में हैं और हालात पर नजर रखे हुए है।
पिछले हफ्ते ही गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को दिल्ली तलब कर राज्य के हालात की समीक्षा की थी।
शिंदे ने दोनों को किसी भी हालात से निपटने और शांति बनाए रखने के लिए हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया था।