आम चुनाव से ठीक पहले यूपीए सरकार ने मुख्य रूप से पांच राज्यों में प्रभारी भूमिका अदा करने की शक्ति रखने वाले जाट बिरादरी को लुभाने का सबसे बड़ा दांव चल दिया है।
रविवार को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में जाट समुदाय को ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल करने संबंधी प्रस्ताव पर सहमति की मुहर लगा दी है।
इस निर्णय के बाद जाट समुदाय को केंद्रीय नौकरियों में बतौर अन्य पिछड़ी जाति आरक्षण का लाभ हासिल होने का रास्ता साफ हो गया है।
केंद्रीय नौकरी में आरक्षण का रास्ता हुआ साफ
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों कैबिनेट ने इस मामले में गठित जीओएम की सिफारिशों के अनुरूप राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) से जाट समुदाय को ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल करने के लिए राज्यों की सिफारिशों के अनुरूप सिफारिश मांगी थी।
कैबिनेट के इस निर्देश के बाद एनसीबीसी ने बीते फरवरी महीने में नौ राज्यों की आरक्षण के समर्थन और विरोध में सुनवाई के बाद अपनी सिफारिश केंद्र को भेज दी थी।
कांग्रेस को उम्मीद है कि इस फैसले के बाद खासतौर से उसे दिल्ली, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश में व्यापक चुनावी लाभ हासिल होगा, जहां यह बिरादरी चुनावी समीकरण को बदलने का शक्ति रखती है। हालांकि इस बिरादरी की अन्य चार राज्यों में भी औसत उपस्थिति है।
लंबे समय जाट कर रहे थे संघर्ष
उल्लेखनीय है कि जाट बिरादरी लंबे समय से आरक्षण का मांग करती आ रही है। बीते दिनों इस मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रधानमंत्री ने इस मांग पर गौर करने के लिए रक्षा मंत्री एके एंटनी की अध्यक्षता में जीओएम का गठन किया था।
जीओएम ने करीब दो महीने पहले जाट समुदाय को आरक्षण की सिफारिश की थी।
इसके बाद कैबिनेट ने एनसीबीसी से आरक्षण के संबंध में राज्यों की सुनवाई के आधार पर जाटों को ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल करने के लिए सिफारिश मांगी थी।
ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल होंगे जाट
एनसीबीसी ने बीते महीने ही सिफारिश भेजने के लिए नौ राज्यों की जनसुनवाई करने के बाद बीते हफ्ते अपनी सिफारिश केंद्र को भेज दी थी।
इसके बाद रविवार को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में जाटों को ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल करने संबंधी प्रस्ताव पर सहमति की मुहर लग गई।
उल्लेखनीय है कि जाट बिरादरी को कई राज्यों में पहले से ही ओबीसी का दर्जा प्राप्त था, जबकि कई अन्य राज्यों में इस बिरादरी को सामान्य श्रेणी में रखा गया था।
नौ राज्यों के जाटों को मिलेगा लाभ
अब कैबिनेट के फैसले के बाद मुख्य रूप से नौ राज्यों हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, मध्यप्रदेश और बिहार में इस बिरादरी को आरक्षण का लाभ मिलेगा।
कैबिनेट की बैठक के बाद इस आशय की जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि अब जाट बिरादरी को केंद्रीय सेवाओं में बतौर ओबीसी आरक्षण का लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पहले जीओएम और अब एनसीबीसी की इस आशय की की गई सिफारिशों पर कैबिनेट ने सहमति की मुहर लगा दी है।