वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने पारिस्थितिकी संवेदनशीलता पर जी कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर सख्त रुख अपनाने राज्यों को शीघ्र एक्शन रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया है। इससे पहले राज्यों को दी गई मोहलत समाप्त हो गई है।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी। लिहाजा वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रकाश जावड़ेकर ने संबंधित राज्यों से इस बाबत बातचीत से समाधान निकालने का निर्णय लिया है।
वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इस मुद्दे पर जनता की इच्छा का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है। इसलिए राज्यों को कुछ और मोहलत दी जा सकती है। इससे पहले निर्धारित समय सीमा 15 जून को ही समाप्त हो चुकी है।