कोयला खदानों के आवंटन में हुए कथित घोटाले के सिलसिले में पीएमओ में मनमोहन के सलाहकार टीकेए नायर से सवाल करने के बाद सीबीआई अब उद्योगपति कुमारमंगलम् बिड़ला और पूर्व कोयला सचिव पी सी पारिख से पूछताछ करेगी।
सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक एजेंसी पहले इस बात पर विचार करेगी कि दोनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जाए या क्लोजर रिपोर्ट पेश की जाए। इस पर फैसला होने के बाद दोनों से पूछताछ की जाएगी।
सीबीआई ने हिंडाल्को को नौ साल पहले दो खदानें आवंटित करने के सिलसिले में हुई कथित गड़बड़ी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इन दोनों खदानों को नौ साल पहले आवंटित किया गया था। इसमें बिड़ला, पूर्व कोयला सचिव पारिख, हिंडाल्को और कोयला मंत्रालय के कुछ अनाम अफसरों को नामजद किया गया है।
अलग-अलग धाराओं के तहत इन लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के मामले दर्ज कराए गए थे। अदालत में एफआईआर दर्ज करने के बाद सीबीआई ने देश भर में बिड़ला की कंपनी के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान सीबीआई के इस कदम का कॉरपोरेट जगत और पूर्व नौकरशाहों ने विरोध किया था।
गौरतलब है कि सीबीआई ने कुछ दिन पहले कोयला ब्लॉक के आवंटन में हुए कथित घोटाले के सिलसिले में पूछताछ के लिए टीकेए नायर के पास एक विस्तृत प्रश्नावली भेजी थी। उन्होंने अपने जवाब सीबीआई को भेज दिए थे। इन सवालों में कोयला नीति और 2006 से 2009 के बीच कोयला खदानों के आवंटन के बारे में पूछा गया था।
इस अवधि के दौरान कोयला मंत्रालय का प्रभार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास ही था। नायर से कोयला ब्लॉक के आवंटन में होने वाली देरी, कोयला मंत्रालय से गायब हुई फाइलों और उन घटनाओं को बारे में भी पूछा गया था जिनकी वजह से हिंडाल्को को तालाबीरा की खदानें दी गई थीं।