सीबीआई ने कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया की टेप की गई बातचीत में 14 मामलों में से चार मामलों में छानबीन शुरू कर दी है।
जांच एजेंसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक इन चार मामलों में शुरुआती जांच दर्ज हो चुकी है, जबकि दस अन्य मामलों में जांच शुरू करने की कवायद चल रही है। इसके तहत इन सारे मामलों में शामिल अलग-अलग लोगों के खिलाफ जांच होगी।
सूत्रों के मुताबिक एजेंसी ने राडिया और ट्राई के पूर्व प्रमुख प्रदीप बैजल की बातचीत में प्राथमिक जांच की है। यह बातचीत प्रदीप बैजल के एक पाइपलाइन एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन नियुक्त होने से जुड़ी थी।
इस एडवाइजरी कमेटी पर रिलायंस इंडस्ट्रीज को फायदा पहुंचाने का आरोप था। एजेंसी ने इस जांच में बैजल और राडिया दोनों को नामजद किया है।
इसके अलावा सीबीआई ने उस बातचीत की भी छानबीन शुरू कर दी है, जिसमें बांबे स्टॉक एक्सचेंज और ट्राई में रिलायंस कम्यूनिकेशन की ओर से गलत सब्सक्राइवर आंकड़े पेश करने का जिक्र था।
इस जांच में रिलायंस कम्यूनिकेशन को नामजद किया गया है। इस बीच, अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह ने कहा है कि वह समयबद्ध जांच का स्वागत करता है।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होने वाली इस सीबीआई जांच से हमारी विश्वसनीयता साबित हो जाएगी। दरअसल पूरे मामले में शरारतपूर्ण अभियानों की वजह से हमें लगातार परेशानी झेलनी पड़ी है और हम दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से इसके शिकार होते रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक राडिया उनकी कंपनी वैष्णवी और भेल के अनाम कर्मचारियों के खिलाफ बिल क्लियर कराने के लिए दिए जाने वाले कमीशन के बारे में शुरुआती जांच दर्ज की जा चुकी है।
हालांकि राडिया के प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।