रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के निलंबित सीईओ राकेश कुमार के लॉकर से सीबीआई ने डेढ़ किलो सोना बरामद किया है।
हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह सोना बैंक के लॉकर में या फिर घर के लॉकर में था। सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि अभी तो यह शुरुआत है। जांच के दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
सीबीआई पांच परिसंपत्तियों के भी दस्तावेज हासिल किए हैं। अधिकारी ने कहा कि हमें पता था कि ये संपत्तियां कुमार की हैं लेकिन लॉकर से बृहस्पतिवार को दस्तावेज बरामद किए गए।
घूस लेते हुए किया गया था गिरफ्तार
सीबीआई ने 18 अगस्त को एक क्षेत्रीय फिल्म को प्रमाण पत्र देने के लिए एक एजेंट से घूस लेते हुए कुमार को गिरफ्तार किया था।
इससे पहले सीबीआई ने उनके घर पर छापा मारकर दस लाख 30 हजार रुपए और सोने-चांदी के गहने बड़ी मात्रा में बरामद किए थे। इसके बाद पिछले बृहस्पतिवार को एजेंसी ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था और सेंसर बोर्ड के एक पैनल मैंबर और एक एजेंट को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद से सेंसर बोर्ड का कामकाज ठप्प पड़ गया है, जबकि प्रमाण पत्र पाने की कतार में लगी फिल्मों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बीच बोर्ड से जुड़े एक सूत्र का कहना है कि प्रमाण पत्र के लिए आने वाली फिल्मों की संख्या रोज बढ़ रही है। मुश्किल यह है कि मुंबई क्षेत्र में केवल 28 पैनल सदस्य हैं और हर स्क्रीनिंग में करीब चार सदस्यों और एक अधिकारी की जरूरत होती है।
गिरफ्तारी के बाद लटकी कई फिल्मों की रिलीज
बताया जा रहा है कि इस समय बोर्ड के सामने करीब 40 फिल्में और 60 से ज्यादा वीडियो फिल्में प्रमाण पत्र के लिए हैं। इनमें तमिल और बांग्ला फिल्में भी शामिल हैं।
सूत्र के अनुसार बोर्ड का कामकाज जब तक पटरी पर नहीं लौटेगा, फिल्मों को प्रमाण पत्र जारी करने में देरी होगी। इस समय जो फिल्में बोर्ड के पास हैं, उनमें फाइंडिंग फैनी, दावत-ए-इश्क, मैरीकॉम, क्रीचर, राजा नटवरलाल और देसी कट्टे शामिल हैं, जो अगस्त-सितंबर में रिलीज होंगी।
रिलीज से करीब 21 दिन पहले फिल्मों को सेंसर प्रमाण पत्र लेना पड़ता है। अगर फिल्मों को समय से सर्टिफिकेट नहीं मिला तो निर्माताओं को इनकी रिलीज आगे बढ़ानी पड़ सकती है।