केंद्रीय मंत्रालयों से सरकार के अहम फैसलों वाले गोपनीय दस्तावेजों की चोरी के मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर दिल्ली में छह और मुंबई में दो जगहों पर छापेमारी की है।
चोरी हुए ज्यादातर कागजात विदेशी निवेश के फैसलों के जुड़े़ थे। इन्हें यहां से उठाकर कॉरपोरेट कंपनियों को पहुंचा दिया जाता था।
सीबीआई के मुताबिक, मुंबई स्थित एक चार्टर अकाउंटेंट (सीए) कई मंत्रालयों के अधिकारियों से मिलीभगत कर सरकार के अहम फैसलों संबंधी कागजात खरीदता था। फिर उसे कॉरपोरेट कंपनी के हाथों बेच देता था।