कोलगेट की जांच की स्टेटस ड्राफ्ट रिपोर्ट को सरकार के साथ साझा करने पर शीर्ष अदालत की नाराजगी झेल रही सीबीआई अब भी इसे गलत नहीं मानती।
सीबीआई के निदेशक रंजीत सिन्हा का कहना है कि चूंकि सीबीआई स्वायत्त न हो कर सरकार का ही अंग है, इसलिए रिपोर्ट को सरकार से साझा कर उसने अदालत का भरोसा नहीं तोड़ा है।
उन्होंने 6 मई को अदालत में अपना पक्ष रखने की बात करते हुए कहा कि सीबीआई ने किसी बाहरी से नहीं बल्कि सरकार के साथ रिपोर्ट साझा की है।
सिन्हा ने कहा कि शीर्ष अदालत की टिप्पणी में अफसोस करने लायक कुछ नहीं है। अभी सीबीआई को अदालत के सामने अपना पक्ष रखना है। जहां तक रिपोर्ट सरकार के साथ साझा करने की बात है तो सीबीआई ने किसी बाहरी से इसे साझा नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि सीबीआई स्वायत्त न होकर सरकार का ही अंग है। इसलिए रिपोर्ट सरकार से साझा की गई। उन्होंने कहा कि यह मामला अदालत और सरकार के बीच का मामला है और सीबीआई भी सरकार का ही अंग है।
उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने रिपोर्ट सरकार से साझा करने पर तल्ख टिप्पणियां करते हुए सीबीआई पर अदालत को अंधेरे में रखने का आरोप लगाया है।
अदालत ने सीबीआई को 6 मई को नया हलफनामा दायर कर रिपोर्ट साझा करने के दौरान हुए बदलाव तथा अन्य स्पष्टीकरण मांगे हैं।