पुलिस के आला अफसरों के निलंबन को लेकर धरने पर बैठे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दो अधिकारियों को छुट्टी पर भेजने के बाद मंगलवार रात भले विरोध प्रदर्शन खत्म कर चुके हों, लेकिन उनकी मुसीबत अभी खत्म नहीं हुई है।
अरविंद केजरीवाल, दिल्ली सरकार के दूसरे मंत्री और आम आदमी पार्टी के समर्थकों ने सोमवार से रेल भवन के पास जो धरना शुरू किया था, उसे लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
इस बीच बुधवार सवेरे आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल की तबीयत बिगड़ गई और वह अपने घर के पास स्थित यशोदा अस्पताल में जांच-पड़ताल के लिए पहुंचे। उन्हें खांसी और बुखार की शिकायत बताई गई है।
धरने पर क्यों हुआ केस?
दिल्ली पुलिस ने रेल भवन के पास धरना देने और प्रदर्शन करने वाले आम आदमी पार्टी के समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। दरअसल, इस इलाके में धारा 144 दर्ज थी, जिसके मुताबिक क्षेत्र विशेष में लोग नहीं जुट सकते।
अरविंद केजरीवाल ने उप-राज्यपाल के संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक जांच का आश्वासन देने के बाद धरना खत्म कर दिया था। यह विरोध 30 घंटे से ज्यादा वक्त तक चला।
एफआईआर संसद मार्ग थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस से भिड़ंत और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर मामला दायर किया गया है। हालांकि, यह खबर आ रही है कि आरोपियों में केजरीवाल का नाम शामिल नहीं है।
केजरीवाल की तबीयत खराब
सर्द दिन-रात में 33 घंटे सड़क पर खुले आसमान के नीचे गुजारने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तबीयत बुधवार सवेरे एक बार फिर बिगड़ गई। उन्हें बुखार की शिकायत बताई जा रही है।
केजरीवाल आज सवेरे कौशांबी स्थित गिरनार अपार्टमेंट से अपनी कार में निकले और कुछ दूरी पर स्थित यशोदा हॉस्पिटल के लिए रवाना हुए।
जानकारी मिली है कि वह चेकअप के लिए अस्पताल गए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री बीते कुछ वक्त से खांसी से जूझ रहे हैं और अब ठंडी रातें सड़क पर गुजारने के बाद उनकी दिक्कत बढ़ गई है।
घिरते जा रहे हैं सोमनाथ भारती
आम आदमी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता भी फंसते दिख रहे हैं। खिड़की एक्सटेंशन इलाके में दिल्ली के विधि मंत्री सोमनाथ भारती और उनके समर्थकों पर प्रताड़ित करने का इल्जाम लगाने वाली अफ्रीकी महिलाओं ने अपना बयान दर्ज करा दिया है।
अदालत के सूत्रों ने बताया कि इन महिलाओं ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया है। इस कदम के बाद गिरफ्तारी जल्द हो सकती है, क्योंकि महिलाओं के खिलाफ अपराध मामलों में पुलिस को तय वक्त में कार्रवाई करनी होती है।
सोमनाथ भारती की मुश्किलें इसलिए भी बढ़ सकती हैं, क्योंकि वह दिल्ली महिला आयोग के समक्ष पेश होने में नाकाम रहे। मंगलवार दोपहर उन्हें व्यक्तिगत रूप से आयोग में पेश होना था।
महिला आयोग सोमनाथ से नाराज
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा सिंह ने कहा, "हम दिल्ली पुलिस के जरिए नया समन जारी करेंगे और अगर वह हमारी कार्रवाई से आगे भी बचते रहेंगे, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को लेकर उप-राज्यपाल को चिट्ठी लिखी जाएगी।"
युगांडा की महिलाओं ने दिल्ली महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। बरखा ने आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला और कहा कि बीते 22 दिन में बलात्कार के 94 मामले दर्ज किए गए हैं।
मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज बयान में महिलाओं ने पिछली बातें ही दोहराई हैं। कम से कम पांच महिलाओं ने मीडिया के वीडियो देखे और सोमनाथ भारती को उस शख्स के रूप में पहचाना, जो उस रोज उनसे कथित बदसलूकी करने वाले लोगों की अगुवाई कर रहे थे।
'हमें सभी के सामने शौच करने को कहा'
महिलाओं ने मजिस्ट्रेट से कहा कि एम्स में उनका कैविटी सर्च किया गया, जो काफी अपमानजनक था। इसके अलावा उनसे सार्वजनिक स्थल पर शौच जाने को कहा गया, क्योंकि सोमनाथ भारती के आदमियों को शक था कि अगर टॉयलेट इस्तेमाल करने दिया गया, तो वे भाग जाएंगी।
इन महिलाओं का कहना है कि मंत्री उस रात ग्रे जैकेट पहने थे और उन्हें पकड़ने के लिए लोगों को भड़का रहे थे। यह बयान मजिस्ट्रेट के चैंबर में दिया गया और इसे अभियोजन मामले की कार्रवाई के दौरान इस्तेमाल करेगा।
सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज कराया गया बयान आरोपी या गवाह को सुनवाई के दौरान यू-टर्न लेने से रोकता है। इस तरह की कोशिश होने पर उल्टा मुकदमा चल सकता है।
दिल्ली के मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस अब इन बयानों का इस्तेमाल चार्जशीट में करेगी, जिसमें दूसरे गवाहों के बयान भी रखे जाएंगे। इस मामले में वीडियो फुटेज सबसे अहम सबूतों में गिनी जा रही है।
रविवार को अदालत ने पुलिस को कथित दुर्व्यवहार को लेकर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने सोमनाथ भारती और उनके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज करने को कहा गय था।
दिल्ली के विधि मंत्री सोमनाथ भारती और उनके साथियों के खिलाफ धारा 147/149, धारा 354, धारा 341, धारा 506, धारा 509, धारा 153ए, धारा 323 और धारा 427 के तहत केस बनाया गया है।