आजाद हिंद फौज के सिपाही और स्वतंत्रता सेनानी कैप्टन अब्बास अली का अलीगढ़ के अस्पताल में शनिवार को निधन हो गया। कैप्टन अब्बास अली 96 साल के थे।
वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में कैप्टन के पद पर थे। आजादी की लड़ाई लड़ते हुए उन्हें मुलतान के किले में कैद कर फांसी की सजा सुनाई गई थी।
बाद में आजादी को लेकर नेहरु और माउंटबेटन में समझौते के बाद उनकी मुलतान की जेल से रिहाई संभव हो सकी थी।
कैप्टन अब्बास अली बुलंदशहर से एमएलसी भी रहे। वे राममनोहर लोहिया के बेहद करीबी थे और उनके समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने में खास योगदान दिया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। आज अलीगढ़ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वे आखिर तक सामाजिक तौर पर सक्रिय रहे और समाज के भले के लिए अपना योगदान देते रहे।