दिल्ली के नए मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के लिए पांच-पांच कमरे वाले दो डुप्ले चुने गए, तो राजधानी में बवाल मच गया। ऐसा विवाद खड़ा हुआ कि अगले ही दिन केजरीवाल ने ये सरकारी फ्लैट लेने से इनकार कर दिया।
केजरीवाल ने कहा कि वैसे तो वह अब भी चार कमरे वाले मकान में रहते हैं और सरकारी फ्लैट में केवल पांच कमरे हैं, लेकिन मेरे चाहने वालों ने फोन कर कहा कि इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसलिए मैंने अब छोटा घर खोजने के लिए कहा है।
लेकिन इस बीच खबर आई है कि भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी का नया दफ्तर बनकर तैयार है। वह बहुत जल्द इसमें तशरीफ लाने वाले हैं। यह ऑफिस 150 करोड़ रुपए में तैयार किया गया है।
मोदी ने कॉम्प्लेक्स में बनवाया 'पीएमओ'
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी गांधीनगर में अपने नए ऑफिस में शिफ्ट होने वाले हैं और इसे अनौपचारिक रूप से 'नॉर्थ ब्लॉक' कहा जा रहा है।
टीओआई के मुताबिक नरेंद्र मोदी जनवरी मध्य में अपने नए ऑफिस में जाएंगे, क्योंकि फिलहाल शुभ मुहूर्त वाले दिन नहीं चल रहे। संयोग से नई दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय भी साउथ ब्लॉक में है।
150 करोड़ रुपए की लागत से तैयार मुख्यमंत्री का नया ऑफिस कॉम्प्लेक्स एक साल से भी कम वक्त में तैयार किया गया है। इस परिसर में जो साउथ ब्लॉक तैयार किया गया है, वह नई दिल्ली के सेक्रेट्रिएट से मेल खाता है।
नए परिसर का नाम होगा पंचामृत
इस परिसर को पंचामृत कहा जाएगा। मोदी के अलावा उनके मंत्री भी यहीं बैठेंगे। चार मंजिला यह इमारत 35 हजार वर्ग फुट में फैली है और इसे रोड एवं बिल्डिंग डिपार्टमेंट ने तैयार किया है।
परिसर का डिजाइन अहमदाबाद के एक दिग्गज आर्किटेक्ट ने बनाया है, जो इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट और अमूल डेयरी की इमारत का खाका खींच चुके हैं। इसके अलावा कुछ कॉरपोरेट ऑफिस का डिजाइन भी उन्होंने तैयार किया है।
सुरक्षा कारणों के चलते इसके दरवाजे और खिड़कियां बुलेटप्रूफ ग्लास से तैयार की गई हैं। सेंट्रली एयरकंडिशंड बिल्डिंग में कैबिनेट बैठकों के लिए स्पेशल कमरा बनाया गया है और इस पर सीसीटीवी कैमरा चौबीसों घंटे नजर रखेगा।
असेंबली से सीधा जुड़ेगा
रोड एंड बिल्डिंग के एक अधिकारी ने कहा, "मुख्यमंत्री का नया कार्यालय गुजरात विधानसभा की पहली मंजिल से सीधा जुड़ा रहेगा, जहां से मुख्यमंत्री, दूसरे मंत्री और विधायक असेंबली हॉल में दाखिल हो सकेंगे।"
मोदी ने इस परिसर के डिजाइन की हर बारीक चीज में काफी दिलचस्पी दिखाई है। फिलहाल गुजरात के मुख्यमंत्री का ऑफिस सचिवालय के ब्लॉक नंबर 1 में पांचवीं मंजिल पर है।
बीते कुछ साल के दौरान उनकी गतिविधियों में काफी इजाफा हुआ है। मोदी के प्रशासन संबंधी केंद्रीयकृत तरीके की वजह से बड़ी तादाद में स्टाफर दूसरे, तीसरे और चौथे मंजिल पर स्पेस घेर चुके हैं।