अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 45 डॉलर से भी कम होने के बाद भी भारत में डीजल-पेट्रोल की कीमत उतनी कम नहीं हो पा रही है, जितनी होनी चाहिए। सस्ते पेट्रोल और डीजल का इंतजार देश के लोग कर रहे हैं पर देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अपना मुनाफा बढ़ा रही हैं।
फरवरी 2007 में कच्चे तेल की कीमत 55 डॉलर के स्तर पर थी। उस समय भारत में पेट्रोल 42 रुपए और डीजल 30 रुपए प्रति लीटर की कीमत पर बिक रहा था। लेकिन आज 45 डॉलर प्रति बैरल क्रूड ऑयल होने के बाद भी पेट्रोल 63.20 रुपए और डीजल 44.95 रुपए प्रति लीटर की दर से ग्राहकों को मिल रहा है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत पेट्रोलियम नियोजन और विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) की तरफ से जारी भारतीय बॉस्केट के लिए कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत 21 अगस्त को घटकर 45.21 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि 20 अगस्त को यह कीमत 46.36 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल थी। 16 अगस्त को कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 50.68 डॉलर थी।
रुपए की तुलना में कच्चे तेल की कीमत 21 अगस्त को घटकर 2976.17 रुपए प्रति बैरल हो गई, जबकि 20 अगस्त को यह 3024.53 रुपये प्रति बैरल थी। 21 अगस्त को रुपया कमजोर होकर 65.83 रुपए प्रति अमेरिकी डॉलर पर बंद हुआ, जबकि 20 अगस्त को यह 65.24 रुपए प्रति अमेरिकी डॉलर था।
फायदा जनता को नहीं मिल रहा
गौरतलब है कि सरकार को सीधे तौर पर फायदा हो रहा है। पर इसका फायदा जनता को नहीं मिल रहा है। वित्त वर्ष 2014-15 के छह महीनों के लिए अंडर-रिकवरी 51,110 करोड़ रुपए रही है। वित्त वर्ष 2013-14 के पूरे वर्ष के लिए यह राशि 1,39,869 करोड़ रुपए रही थी।
भारतीय बॉस्केट के कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत 31 दिसंबर को 53.53 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल थी, जबकि 30 दिसंबर, 2014 को यह 53.81 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल थी। रुपए के संदर्भ में कच्चे तेल की कीमत 31 दिसंबर, 2014 को घटकर 3390.05 रुपए प्रति बैरल हो गई जबकि 30 दिसंबर, 2014 को यह 3430.39 रुपए प्रति बैरल थी। रुपया 31 दिसंबर, 2014 को रुपया मजबूत होकर 63.33 रुपए प्रति अमेरीकी डॉलर पर बन्द हुआ, जबकि 30 दिसंबर, 2014 को 63.75 रुपए प्रति अमेरिकी डॉलर था।
जून 2014 और जुलाई 2014 के बीच में ब्रैंट क्रूड (ऑयल) की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर थी। पर धीरे-धीरे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत कम होने लगी।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत कम होने की वजह अमेरिका, यूरोप और चीन में ब्रैंट क्रूड की मांग में कमी आना था। अमेरिका, चीन और यूरोप के देशों ने अपने यहां ही क्रूड ऑयल का उत्पादन शुरू कर दिया।
अमेरिकी बाजार में 4 फीसदी तक की कमी आ गई
चीन के स्टॉक मार्केट में आए का भूचाल का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। इस स्टॉक मार्केट का असर यह हुआ है कि क्रूड ऑयल की कीमत फरवरी 2009 के बाद न्यूनतम स्तर पर आ गई है।
तेल की कीमतों में भी अमेरिकी बाजार में 4 फीसदी तक की कमी आ गई है। चीन की मार्केट में आए भूचाल की वजह से तेल ब्रैंट ऑयल की कीमत 43.28 डॉलर के स्तर पर आ गई है। यह कीमत मार्च 2009 के स्तर से भी कम है। मार्च 2009 में 43.81 डॉलर प्रति बैरल था।
वहीं अमेरिका में लाइट ब्रैंट क्रूड ऑयल की कीमत वर्ष 1986 के बाद से न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। इस समय लाइट ब्रैंट क्रूड ऑयल की कीमत 38.59 डॉलर के स्तर पर आ पहुंच गई है।
ईरान की तेल मंत्रालय ने न्यूज एजेंसी शाना को बताया कि अगर तेल की कीमतों में इसकी तरह का असर देखने को मिलता है तो आने वाले समय में होने वाली ओपेक की बैठक प्रभावित हो सकती है।
ईरान के मीडिया के मुताबिक ईरान सरकार ने तेल का उत्पादन और ज्यादा तेज करने का फैसला किया है। वहां की सरकार का मानना है कि किसी भी कीमत पर वो अपने मार्केट शेयर को बिल्कुल भी नहीं छोड़ना चाहती है।
लंदन में भी तेल की कीमतें प्रति बैरल 45 डॉलर के नीचे आ गई हैं। मार्च 2009 के बाद पहली बार बाजार में ऐसा देखने को मिला है। मार्केट से जुड़े जानकारों के मुताबिक चीन की तरफ अमेरिकी तेल की कम मांग और ईरान के तेल उत्पादन को और ज्यादा बढ़ाने के बाद तेल बाजार में यह हलचल हुई है।
भारत प्रति दिन 385,000 बैरल तेल का आयात करता
जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए वर्ष 2005 तक 60 फीसदी क्रूड ऑयल का आयात करता था। वर्ष 2013 तक अमेरिका ने यह आयात घटाकर 35 फीसदी कर दिया है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रैंट क्रूड की कीमत एक अगस्त 2014 को 103.45 डॉलर प्रति बैरल थी। आज 24 अगस्त,2015 को यह कीमत घटकर 45 डॉलर प्रति बैरल से नीचे के स्तर पर आ गई है।
अक्टूबर 2014 में ब्रैंट क्रूड की कीमत 88.66 डॉलर, तीन नवंबर को यह कीमत 84.9 डॉलर, 27 नवंबर को 72.68 डॉलर और 28 नवंबर को यह कीमत घटकर 72.58 डॉलर प्रति बैरल हो गई। एक बैरल में 158.98 लीटर तेल होता है। वर्ष 2013-14 के आकड़ों के मुताबिक भारत प्रति दिन 385,000 बैरल तेल का आयात करता है।
तेल की मांग कम होने के बावजूद ओपेक देशों ने यह फैसला किया है कि वह तेल का उत्पादन नहीं घटाएंगे। तेल की कीमतें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कम होने से भारत मे थोक महंगाई दर से खुदरा महंगाई दर में कमी देखने को मिली है। अंतर्राष्ट्रीय जगत में तेल की कीमत कम होने के चलते भारत की तेल विपणन कंपनियों को घाटा भी कम हुआ है।
कितना सस्ता पेट्रोल और डीजल मिलना चाहिए?
मई 2014 में जहां भारत की तेल विपणन कंपनियों का घाटा 318 करोड़ रुपए था। नवंबर 2014 में वह घटकर 188 करोड़ रुपए के स्तर पर आ गया है। आपको बताते चले कि केंद्र सरकार ने अपने बजट 2014-15 में ऑयल सब्सिडी पर 63,427 करोड़ रुपए का आवंटन किया है। आने वाले समय में इसका फायदा भी सरकार को मिलेगा। क्योंकि तेल की कीमत कम होने से सरकार को सब्सिडी में बचत होगी।
कच्चे तेल के दाम अंतर्राष्ट्रीय बाजार के हिसाब से ही तय होते हैं। ऐसे में हम आपको एक ऐसी लिस्ट उपलब्ध करा रहे हैं। पिछले सालों में कच्चे तेल के दाम किस समय किस स्तर पर थे। इसके अनुसार आप खुद ही तय कर सकते हैं कि आप को आज कितना सस्ता पेट्रोल और डीजल मिलना चाहिए।
दिनांक--------क्रूड(बैरल/डॉलर)------पेट्रोल रुपए/लीटर-------------डीजल रुपए/लीटर
फरवरी,2009------- 43.81----------40.62-------------------30.86
जुलाई 01, 2009-------69.12-------44.63-------------------32.87
जनवरी 28, 2009-------44.12-------40.62-------------------30.86
दिसंबर 05, 2008-------43.56-------45.62-------------------32.86
जुलाई 16, 2008-------132.47-------50.62-------------------34.86
जून 04, 2008-------113.00-------50.56-------------------34.80
फरवरी 14, 2008-------90.88-------45.52-------------------31.48
फरवरी 16, 2007-------55.80-------42.85-------------------30.25
नवंबर 29, 2006-------57.53-------44.85-------------------31.25
जून 06, 2006-------67.30-------47.49-------------------32.45
सितंबर 06, 2005-------59.91-------43.49-------------------30.45
जून 20, 2005-------52.72-------40.49-------------------28.45
नवंबर 15, 2004-------38.82-------37.84-------------------26.28
नवंबर 04, 2004-------38.82-------39.00-------------------26.28
जुलाई 31, 2004-------36.35-------36.81-------------------24.16
जून 15, 2004-------34.22-------35.71-------22.74
मार्च 01, 2004--------00-------33.70-------21.74