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ट्रेन में रखा था RDX भरा बम, धमाका होता तो उड़ जाते चीथड़े

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महानगरी एक्सप्रेस में मिला बम असली निकला। इसे करीब 300 ग्राम आरडीएक्स की मदद से तैयार किया गया था। पुलिस ने नक्सली अथवा आतंकी संगठन की भूमिका होने से इनकार नहीं किया है।
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हालांकि बम की सेटिंग में गड़बड़ी होने से यह भी आशंका जाहिर की जा रही है कि ट्रेन में बम रखने का मकसद धमाके के बजाय दहशत फैलाना हो सकता है। फिलहाल इसे शुक्रवार को डिफ्यूज किया गया। डिफ्यूज क रते वक्त हुए धमाके की गूंज करीब तीन किलोमीटर की परिधि में सुनाई पड़ी।

मालूम हो वाराणसी से मुंबई जा रही महानगरी एक्सप्रेस के एस-थ्री कोच के टॉयलेट में गुरुवार की शाम बम मिला था। ट्रेन को मानिकपुर जंक्शन पर रोक कर झोले में रखे बम को निकाला गया। इसमें रेलमंत्री के नाम पत्र भी मिला था, जिसमें 10 करोड़ की मांग पूरी न करने पर दो अन्य ट्रेनों में भी विस्फोट करने की धमकी दी गई थी।
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ट्रेन में मिले बम को रात लगभग 2:42 बजे डिफ्यूज किया गया। इसके लिए प्लेटफार्म नंबर चार की तरफ करीब 100 मीटर के दायरे में चारों तरफ बालू भरी बोरियां लगाई गई थी। डिफ्टूज के वक्त हुए धमाके की गूंज करीब तीन किमी की परिधि में सुनाई पड़ी।
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आरडीएक्स से तैयार किया गया था महानगरी में मिला बम

शुक्रवार सुबह आरपीएफ कमांडेंट आशीष मिश्रा व जीआरपी एसपी रामबोध ने मानिकपुर जंक्शन पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी दी। दोनों अफसरों ने बताया कि पूरी संभावना है कि किसी आतंकी या नक्सली संगठन इसमें संलिप्त हो सकते हैं। बीडीसी टीम प्रभारी कौशल किशोर ने बताया कि बम में दो टाइमर लगे थे, लेकिन मेन तार बम के संपर्क में नहीं था।

संभावना है कि इसे जान बूझकर अलग किया गया हो, जिससे बम भी न फूटे और दहशत फैल जाए। टायलेट में रखने की भी यही वजह हो सकती है।

बम में लगभग तीन सौ ग्राम आरडीएक्स था। लाल व सफेद बारूद व लोहे के कण भी उसमें मिले है। यह आधुनिक बम था, जिसे ईनो ट्रायल भी कहा जा सकता है।

धमाका होता तो आगे -पीछे की चार बोगियों का नष्ट होना तय था। बम में यूरेनियम का प्रयोग नहीं किया गया था। इस घटना के बाद उत्तर मध्य व पश्चिमी मध्य रेलवे ने जांच कमेटी गठित की है।

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