भाजपा ने साफ कर दिया है कि वह हिंदू आतंकवाद के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को कोई राहत देने के मूड में नहीं है। इसके लिए पार्टी बजट सत्र शुरू होने के ठीक एक दिन पहले बुधवार को पीएम निवास पर धरना देगी। संसद में हिंदू आतंक के साथ ही हेलीकॉप्टर घोटाला समेत भ्रष्टाचार के अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरेगी। भाजपा के इस ऐलान से बजट सत्र के हंगामेदार रहने के पूरे आसार बन गए हैं।
बजट सत्र को शांतिपूर्वक व सुचारु तौर पर चलाने के लिए लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इसमें वे सभी दलों से सहयोग मांगेगी। उधर, संसद के बजट सत्र में यूपीए सरकार को घेरने के लिए तैयारी में जुटी भाजपा की कोर कमेटी ने हिंदू आतंकवाद के मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाने का फैसला किया है।
सोमवार को कोर कमेटी के बाद अब मंगलवार को भाजपा संसदीय दल की कार्यकारिणी की बैठक होगी। इसके बाद जल्द ही एनडीए की बैठक भी होगी। इन सभी बैठकों में सरकार को घेरने की रणनीति बनेगी। भाजपा ने तय किया है कि जब तक शिंदे हिंदू आतंकवाद को लेकर अपना बयान वापस नहीं लेते हैं, उनका बहिष्कार जारी रहेगा।
सूत्रों के अनुसार शिंदे अब तक भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं से भी अनौपचारिक तौर पर बात कर चुके हैं और कह चुके हैं कि वह बात मुंह से गलती से निकल गई थी, लेकिन भाजपा इतने से उन्हें माफ करने के मूड में नहीं है। सोमवार को कोर कमेटी की बैठक में भाजपा ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठकों को लेकर भी विचार-विमर्श किया।
इसमें लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज व राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली समेत लगभग सभी सदस्य शामिल हुए।