पौराणिक काल के रामसेतु को तोड़ने पर आमादा यूपीए सरकार भाजपा के निशाने पर है। पार्टी ने हिंदुओं की आस्था से जुड़े रामसेतु को तोड़कर बनने वाली सेतुसमुद्रम योजना को तुरंत रद्द करने की मांग की है। इस परियोजना का शुरू से विरोध कर रहा संघ परिवार अब फिर से मैदान में उतरने की तैयारी में जुट गया है।
केंद्र सरकार को आगाह करते हुए भाजपा ने कहा कि रामसेतु में किसी भी तरह की छेड़छाड़ को हिंदू समाज सहन नहीं करेगा। पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वह पचौरी समिति की सिफारिशों को नजरंदाज कर इस परियोजना पर आगे न बढ़े, क्योंकि यह मामला करोड़ों हिंदुओं की आस्था और भावना से जुड़ा है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल में सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वह सेतुसमुद्रम परियोजना पर आगे बढ़ना चाहती है। सरकार ने पचौरी समिति की रिपोर्ट को नामंजूर कर दिया है। जबकि इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यह परियोजना आर्थिक और पर्यावरण की दृष्टि से व्यवहारिक नहीं है।
सरकार ने इससे पहले सेतुसमुद्रम परियोजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे में भगवान राम को काल्पनिक पात्र करार दे दिया था, लेकिन तब भी भाजपा समेत पूरे संघ परिवार के विरोध में उतर जाने और विवाद बढ़ने पर सरकार को उस हलफनामे को वापस लेना पड़ा था।
अब सरकार के इस ताजा रुख से भाजपा समेत पूरा संघ परिवार फिर से विरोध में आ गया है। संघ परिवार खासतौर पर विश्व हिंदू परिषद इस सेतुसमुद्रम परियोजना के सख्त खिलाफ है। दूसरी ओर यूपीए सरकार पर उसका घटक दल डीएमके इस परियोजना को आगे बढ़ाने का दबाव बनाता रहा है।