आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में बृहस्पतिवार को हुए दोहरे बम धमाकों की छानबीन के दौरान पुलिस ने उस युवक से भी पूछताछ की है जो कि छह साल में दूसरी बार आतंकी हमले में घायल हुआ। हालांकि पुलिस 23 वर्षीय अब्दुल वासे मिर्जा को संदिग्ध मानकर नहीं चल रही है।
मिर्जा मई 2007 में मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट में भी घायल हुआ था। मीडिया के एक वर्ग ने बृहस्पतिवार को हुए बम विस्फोटों में उसकी भूमिका को संदिग्ध बताया था और कहा था कि पुलिस उस पर नजर रखे हुए है।
हैदराबाद पुलिस कमिश्नर अनुराग शर्मा ने बताया कि धमाकों की जांच के तहत हमने दूसरे अन्य गवाहों की भांति केवल उसका बयान दर्ज किया है। यह पूछे जाने पर कि क्या इस मामले में वासे को संदिग्ध के तौर पर देखा जा रहा है तो उन्होंने कहा कि बिल्कुल नहीं।
मई 2007 में मक्का मस्जिद विस्फोट में वासे गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसके बचने की कोई उम्मीद नहीं थी। दिलसुखनगर बम धमाके में भी मिर्जा को चोट आई हैं। यशोदा अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। साइबराबाद और हैदराबाद पुलिस ने बम धमाकों का सुराग हासिल करने के लिए कुछ स्थानीय युवकों से पूछताछ की है।
एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा कि कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने संबंधी मीडिया रिपोर्टें बकवास हैं। हमने केवल पूछताछ के लिए कुछ लोगों को बुलाया था जोकि सामान्य जांच प्रक्रिया है।
हालांकि एनआईए ने आतंकियों से लिंक के संबंध में चंचलगुडा जेल में बंद कुछ लोगों के बारे में जानकारी हासिल की है। एनआईए ने इनमें से कुछ लोगों से पूछताछ भी की।