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कांठ के सियासी अखाड़े में भाजपा का यू टर्न

Mon, 28 Jul 2014 07:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
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कांठ को सियासी अखाड़ा बनाने वाली भाजपा ने तहरीर के बाद इस मुद्दे से यू-टर्न ले लिया है। पार्टी एसएसपी के खिलाफ तहरीर रिसीव हो जाने को अपनी फतह के रूप में देख रही है। भाजपा नेताओं ने साफ किया है कि इस मुद्दे पर आगे आंदोलन का पार्टी का कोई इरादा नहीं है। अलबत्ता एसएसपी के खिलाफ एफआईआर नहीं हुई तो पार्टी कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। भाजपा के यू-टर्न के बाद पूरे एक महीने तक चला कांठ का सियासी ड्रामा खत्म हो गया है।
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26 जून को कांठ के गांव अकबरपुर चैदरी में शिव मंदिर से पुलिस ने जबरन लाउडस्पीकर उतार लिया था। उसके बाद कांठ प्रकरण में भाजपा कूदी थी। 27 जून को आरएसएस के दो प्रचारकों और भाजपा नेताओं के नेतृत्व में कांठ में हरिद्वार हाईवे जाम किया गया था।

फिर भाजपा ने कांठ में महापंचायत का ऐलान किया लेकिन इसके बाद से ही पार्टी की गुटबाजी शुरू हो गई। संगठन और सांसदों के मतभेद खुलेआम सड़कों पर गूंजे। महापंचायत तो नहीं हुई लेकिन भाजपा के 60 कार्यकर्ता सलाखों में जरूर पहुंच गए। पार्टी ने भी महापंचायत को स्थानीय नेताओं का व्यक्तिगत फैसला बताते हुए महापंचायत से किनारा कर लिया।
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कांठ मुद्दे पर उलझी भाजपा

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी 15 जुलाई को घोषित जेल भरो आंदोलन शुरू भी नहीं करा सके। साठ कार्यकर्ताओं के जेल जाने और स्थानीय नेताओं के अदूरदर्शी फैसलों की वजह से पार्टी कांठ मुद्दे में उलझ चुकी थी। मुद्दे को आगे ले जाने की इजाजत केंद्रीय नेतृत्व नहीं दे रहा था तो इसे यूं ही छोड़ने से कार्यकर्ताओं में गुस्सा था। ऐसे में पार्टी को यू टर्न लेने के लिए किसी बहाने की तलाश थी।

26 जुलाई को दीवार फांदकर कांठ थाने में घुसे भाजपा के दो विधायकों ने एसएसपी के खिलाफ तहरीर रिसीव करा दी तो भाजपा को ये बहाना मिल गया। तहरीर रिसीव कराने भर को अपनी फतह बता रही पार्टी ने साफ कर दिया है कि कांठ मुद्दे पर आंदोलन की जरूरत नहीं है, तहरीर दे दी है। एक्शन नहीं हुआ तो कोर्ट जाएंगे।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि हम तमाम बैरिकेडिंग तोड़कर एसएसपी मुरादाबाद के खिलाफ तहरीर देने में कामयाब रहे हैं। तहरीर रिसीव भी कर ली गई है। हमें उम्मीद है एफआईआर होगी। यदि नहीं हुई तो कोर्ट जाएंगे।
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