भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आज राजधानी दिल्ली में हो रही है। इसमें अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा स्वयं को विकल्प के रूप में प्रस्तुत करने के लिए रणनीति तैयार करने पर मंथन करेगी।
बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय संसदीय बोर्ड में शामिल करने जैसे अहम फैसले भी लिए जा सकते हैं। भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक शनिवार और रविवार को होगी, जिसमें देश भर से परिषद के सदस्य हिस्सा लेंगे।
भाजपा राष्ट्रीय परिषद और कार्यकारिणी की बैठक में देश के राजनीतिक, आर्थिक, आंतरिक हालात और राष्ट्रीय सुरक्षा के विषयों पर विस्तार से चर्चा करेगी। साथ ही भ्रष्टाचार, घोटालों और महंगाई के मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने के लिए रणननीति बनाने पर भी विचार किया जाएगा।
बैठक में वरिष्ठ नेताओं के अलावा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी अपने विचार रखेंगे। बैठक में हैदराबाद धमाकों के बाद आंतरिक सुरक्षा स्थिति, वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले, आर्थिक मंदी, भारत-पाकिस्तान संबंध समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी।
कार्यकारिणी की बैठक चार सत्रों में, जबकि परिषद की बैठक नौ सत्रों में होगी। इन सत्रों में पिछले कुछ महीनों में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। बैठक में 'सुशासन संकल्प, भाजपा विकल्प' के मूलमंत्र के साथ भविष्य विशेष रूप से आगामी चुनावों की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी।
कार्यकर्ताओं को इस लक्ष्य को लेकर लोगों के बीच युद्धस्तर पर अभियान चलाने का संदेश दिया जाएगा। अंत्योदय और सुशासन के विषयों पर भी चर्चा होगी। राजनाथ सिंह के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी कार्यकारिणी और परिषद की ये पहली बैठक है।